शहर में टूटी सड़कों और जानलेवा गड्ढों से परेशान नागरिकों का फूटा गुस्सा, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल खींचड़ के नेतृत्व में प्रदर्शन
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
शहर की बदहाल सड़कों और जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता अनिल खींचड़ के नेतृत्व में नागरिकों ने अनोखा और रचनात्मक विरोध प्रदर्शन किया। सड़क पर पानी से भरे गड्ढों के बीच पुतले खड़े कर उन पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कटघरे में खड़ा करने वाले तंज भरे संदेश लिखे गए। प्रदर्शनकारियों ने ढोल-परात बजाकर नगर परिषद और जिला प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन का सबसे आकर्षक और चर्चित पहलू गड्ढों में खड़े किए गए पुतले रहे। एक पुतले पर लिखा था—“मैं गड्ढा हूं… मेरी वजह से जब तक किसी की टांग नहीं टूटे, तब तक मुझे न भरा जाए। धन्यवाद प्रशासन।” इस संदेश ने राहगीरों और वाहन चालकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। लोगों ने इसे प्रशासनिक उदासीनता पर तीखा व्यंग्य बताया।
बार-बार शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अनिल खींचड़ ने कहा कि शहर की टूटी सड़कों और गड्ढों को लेकर कई बार नगर परिषद और जिला प्रशासन को शिकायतें एवं ज्ञापन दिए गए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आमजन रोजाना दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं।
गड्ढों के बीच खड़े होकर बजाई परात
प्रदर्शनकारियों ने शहर के प्रमुख चौराहों और क्षतिग्रस्त सड़कों पर पहुंचकर गड्ढों के बीच खड़े होकर ढोल और परात बजाई। उनका कहना था कि जब तक प्रशासन की नींद नहीं टूटेगी, तब तक ऐसे विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। पुतलों पर लगी तख्तियों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर तीखे सवाल उठाए गए I प्रदर्शन में शामिल नागरिकों ने बताया कि शहर में सड़कों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। दुपहिया वाहन चालक आए दिन गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं, वहीं वाहनों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विशेष रूप से चूरू रोड की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई गई।
“ज्ञापन कूड़ेदान में डाल दिए जाते हैं”
अनिल खींचड़ ने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं को लेकर दिए जाने वाले ज्ञापनों को अधिकारी गंभीरता से लेने के बजाय कूड़ेदान में डाल देते हैं। उन्होंने कहा कि जनता नियमित रूप से कर अदा करती है, लेकिन बदले में सुरक्षित और गड्ढामुक्त सड़कें तक नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता की परेशानियों को लेकर कोई आवाज नहीं उठा रहा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर शहरवासियों को राहत देने की मांग की।










