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नाली विवाद पहुंचा एसपी कार्यालय, परिवाद रजिस्टर संख्या 1839 पर दर्ज हुआ परिवाद

मारपीट, पत्थरबाजी और पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के आरोप; सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग

पिलानी। झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
पिलानी कस्बे के वार्ड संख्या 3 में नाली में कचरा डालने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। मामले में पीड़ित पक्ष ने पड़ोसी परिवार पर मारपीट, अभद्र व्यवहार और पत्थरबाजी के गंभीर आरोप लगाते हुए पिलानी पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में परिवाद प्रस्तुत किया, जिस पर परिवाद रजिस्टर संख्या 1839 अंकित की गई है। शिकायत की प्राप्ति पर कार्यालय द्वारा रसीद संख्या 523 दिनांक 19 जून 2026 को जारी की गई। वार्ड संख्या 3 निवासी मजीद कुरैशी पुत्र स्वर्गीय सदीक कुरैशी ने पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर को दिए परिवाद में बताया कि 16 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे उनके पड़ोसी कालू पुत्र नत्थूराम कुरैशी ने अपने घर के सामने स्थित नाली की सफाई कर निकला कचरा उनके घर के सामने वाली नाली में डाल दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार उनका मकान सड़क स्तर से करीब चार फीट नीचे स्थित है, जिससे नाली और वर्षा का पानी उनके घर की ओर भरने लगा। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि जब उन्होंने कालू को ऐसा करने से रोका तो वह आगबबूला हो गया और गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी होने लगी। उस समय आसपास के कई लोग भी मौके पर मौजूद थे। मजीद कुरैशी का आरोप है कि विवाद के दौरान कालू की पुत्री आबिदा भी मौके पर पहुंची और कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए झगड़े में शामिल हो गई। शिकायतकर्ता के अनुसार आबिदा ने उनकी पत्नी के साथ हाथापाई की। स्थिति बिगड़ने पर जब परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव के लिए आगे आए तो कालू ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे मजीद कुरैशी और उनके पुत्र को चोटें आईं।

महबूब की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद पिलानी पुलिस ने शिकायतकर्ता के पुत्र महबूब को बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनकी ओर से दी गई शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। मजीद कुरैशी ने आरोप लगाया कि घायल होने के बावजूद उनके पुत्र का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया और उनके आवेदन को भी गंभीरता से नहीं लिया गया। शिकायतकर्ता ने अपने परिवाद में दावा किया है कि पूरा घटनाक्रम क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएं और दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

स्थानीय स्तर पर नहीं मिली सुनवाई, एसपी से लगाई गुहार

पीड़ित परिवार का कहना है कि स्थानीय स्तर पर उनकी शिकायत पर उचित सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है और लोग प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने कहा कि परिवाद रजिस्टर संख्या 1839 के तहत प्राप्त परिवाद की शीघ्र जांच करवाई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि एक साधारण नाली विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब पुलिस प्रशासन के उच्च स्तर तक पहुंच गया है। ऐसे में सीसीटीवी फुटेज और जांच रिपोर्ट ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने लाएगी।

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