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दीपावली पर मिट्टी के दीयों से जगमगाएंगे बाजार , कुम्हारों को मिलेगा नि:शुल्क ठिकाना

दीपावली पर बिक्री के लिए तैयार मिट्टी के दीये और सजावटी उत्पाद, कुम्हारों को झुंझुनूं के बाजारों में मिलेगी नि:शुल्क जगह

जिला कलक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने दिए निर्देश., मिट्टी के उत्पादों की बिक्री के लिए बाजारों में मिलेगी जगह, नहीं लगेगा कोई शुल्क

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
दीपावली पर मिट्टी के पारंपरिक दीपकों और सजावटी सामान की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है। कुम्हारों एवं मिट्टी के हस्तशिल्प कलाकारों को राहत देते हुए जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख बाजारों में बिक्री के लिए नि:शुल्क स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। जिला कलक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने इस संबंध में जिले के सभी नगरीय निकायों एवं जिला परिषद को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

दीपावली के अवसर पर कुम्हार और माटी कला से जुड़े कलाकार अपनी मेहनत से मिट्टी के दीपक, सजावटी सामान और अन्य पारंपरिक उत्पाद तैयार कर ग्रामीण हाट एवं शहरी बाजारों में बिक्री के लिए लाते हैं। ऐसे में उन्हें उचित बाजार और बिक्री के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह कदम उठाया है। निर्देशों के अनुसार नगर निकायों एवं ग्राम पंचायत क्षेत्रों के प्रमुख बाजारों में इन कलाकारों के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित कर उपलब्ध करवाया जाएगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मिट्टी के दीपक एवं अन्य मिट्टी के उत्पाद बेचने वाले कुम्हारों और हस्तशिल्प कलाकारों से निर्धारित स्थानों पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं वसूला जाए। साथ ही आमजन को मिट्टी के दीपकों एवं पर्यावरण अनुकूल सजावटी उत्पादों की खरीद और उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। गौरतलब है कि श्रीयद माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक की ओर से भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।

वहीं निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरी एवं समाजसेवी विनोद कुमावत ने भी आमजन से दीपावली पर मिट्टी के दीपक और स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार उत्पाद खरीदने की अपील की है। प्रशासन की इस पहल से जहां पारंपरिक माटी कला को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं कुम्हार परिवारों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने का संदेश भी मजबूत होगा।

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