झुंझुनूं।अजीत जांगिड़
जल ही जीवन है और इसके संरक्षण के बिना भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत मंगलवार को मलसीसर डैम पर भव्य जलाशय पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। पीएचईडी प्रोजेक्ट एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम की शुरुआत मलसीसर डैम पर विधिवत जलाशय पूजन के साथ हुई। उपस्थित अतिथियों ने जल स्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए जल बचाने का संदेश दिया। पीएचईडी प्रोजेक्ट के अधीक्षण अभियंता दलीप तारग ने बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का उद्देश्य आमजन में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास समय की मांग है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुरूषोत्तम धानका ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण और जल संसाधनों के संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों के माध्यम से लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ते जल संकट को देखते हुए वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा। उन्होंने नागरिकों से जल बचत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार ने कहा कि जल संरक्षण की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर और परिवार से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति पानी की बचत और उसके सदुपयोग के प्रति जागरूक हो जाए तो भविष्य में जल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है। उन्होंने जल को जीवन का आधार बताते हुए इसके संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के जिला संयोजक राकेश शर्मा एवं जिला समन्वयक विशंभर पूनिया ने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए अधिकाधिक जनभागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। इस अवसर पर जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनिवास चौधरी, जिला जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु सिंह, भूजल वैज्ञानिक अतुल धवन, मंडावा बीडीओ अमित चौधरी, अलसीसर बीडीओ ममता चौधरी, मलसीसर तहसीलदार इमरान खान, बिसाऊ तहसीलदार शेर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।।कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया तथा जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संदेश के साथ पौधारोपण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान जल बचाने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संदेश प्रमुखता से दिया गया।











