हिन्दी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ कार्यक्रम, ‘हिंदी पत्रकारिता के समक्ष चुनौतियां’ विषय पर किया मंथन, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम एवं पत्रकारों ने की शिरकत, पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने कहा — पत्रकारिता में तथ्यपरकता अत्यंत महत्वपूर्ण
चूरू। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शनिवार को चूरू जिला मुख्यालय पर सूचना केंद्र में “हिंदी पत्रकारिता के समक्ष चुनौतियां” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम, एपीआरओ मनीष कुमार, वरिष्ठ पत्रकार देवराज लाटा, किशन उपाध्याय सहित पत्रकारों एवं बुद्धिजीवियों ने शिरकत कर हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति व चुनौतियों पर विचार— विमर्श किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। हिंदी पत्रकारिता ने लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज जब सोशल मीडिया, एआई आदि सूचना के अनेक माध्यम उपलब्ध हैं, तब पत्रकारिता के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती अपनी विश्वसनीयता और निष्पक्षता को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजीटल युग में पत्रकारिता के सामने विश्वसनीयता बनाए रखने और फेक न्यूज जैसी चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता है। इसलिए प्रामाणिकता अत्यंत आवश्यक हो जाती है।उन्होंने कहा कि स्वाध्याय अत्यंत आवश्यक है। पत्रकारिता क्षेत्र में समसामयिकता और उन्नयन के लिए नियमित अध्ययन पहली कड़ी है। इसलिए किताबें पढ़ें और समसामयिक विषयों पर पकड़ रखें। समाज का अधिकांश वर्ग हिन्दीभाषी है, इसलिए हिन्दी पत्रकारिता में प्रासंगिक विषयों पर तार्किकता, समयबद्धता, विश्लेषण और तथ्यपरकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारिता क्षेत्र में सोशल मीडिया व एआई के उपयोग, पाठकों की बदलती अपेक्षाओं, त्वरित समाचारों की होड़ और व्यावसायिक दबावों के बीच गुणवत्ता, तथ्यपरकता और नैतिकता को बनाए रखने आदि बिन्दुओं की ओर ध्यान आकर्षित किया।
पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने कहा कि पत्रकार समाज की आवश्यकताओं को पहचानने और जनभावनाओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। आज सूचना के अनगिनत स्रोत उपलब्ध हैं, ऐसे में प्रमाणिक और तथ्याधारित समाचारों की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है।उन्होंने कहा कि बदलते दौर में सोशल मीडिया और त्वरित सूचना के दबाव के बावजूद सत्य और जिम्मेदार पत्रकारिता अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। तथ्यपरक और विश्वसनीय खबरें ही समाज का विश्वास अर्जित कर सकती है। जिम्मेदार एवं तथ्यपरक पत्रकारिता को बनाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती है।सहायक जनसंपर्क अधिकारी मनीष कुमार ने हिंदी पत्रकारिता के विकास क्रम पर चर्चा करते हुए कहा कि तथ्य आधारित सूचनाओं का प्रेषण अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर पत्रकार राजेन्द्र सिंह शेखावत का सम्मान भी किया गया। वरिष्ठ पत्रकार देवराज लाटा, नरेन्द्र शर्मा, किशन उपाध्याय, राजेन्द्र सिंह शेखावत, अखिलेश दाधीच, श्रवण शर्मा सहित वक्ताओं ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता आज डिजिटल संक्रमण, फेक न्यूज, व्यावसायिक दबाव और बदलती पाठकीय रुचियों जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। इन परिस्थितियों में पत्रकारों को निरंतर अध्ययन, तकनीकी दक्षता और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहना होगा। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी क्रांति, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और सूचनाओं की तीव्र प्रतिस्पर्धा के इस दौर में हिंदी पत्रकारिता की विश्वसनीयता, जनपक्ष का प्रमुखता से रखना ही उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। मनोज शर्मा ने स्वागत किया और अमित तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान आशीष गौतम, गिरधारी सैनी, ललित चौहान, राहुल शर्मा, जमील अहमद खान, विजय चौहान, मोहम्मद अली पठान, देशदीपक किरोड़ीवाल, जसवंत मेड़तिया, रामचंद्र गोयल, पवन शर्मा, प्रदीप माली, बजरंग सैनी, नरेन्द्र दीक्षित, अख्तर मुगल, दीपक सैनी, निखिल जांगिड़, गोविंद, राजकुमार चोटिया, बाबूलाल राव, तनुज लाटा, सुनील स्वामी, मनीष शर्मा, बलवान सिंह, विद्याधर शर्मा, दूलीचंद सोनी, संजय गोयल, विजय रक्षक, राजेन्द्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे। संचालन कुंज बिहारी बिरमीवाला ने किया।













