राजस्थान को तंबाकू नियंत्रण में विश्व स्तर पर मिला प्रथम सम्मान

झुंझुनूं के पूर्व सीएमएचओ डॉ. एसएन धौलपुरिया के प्रयासों को मिली वैश्विक पहचान

झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
राजस्थान ने तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के वर्ल्ड नो टोबेको डे अवॉर्ड 2026 में दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में प्रथम सम्मान प्राप्त किया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि के पीछे स्टेट नोडल अधिकारी तंबाकू एवं झुंझुनूं के पूर्व सीएमएचओ डॉ. एसएन धौलपुरिया के दीर्घकालिक प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि डॉ. एसएन धौलपुरिया वर्ष 2011 से 2017 तक झुंझुनूं में सीएमएचओ पद पर कार्यरत रहे थे। उनके नेतृत्व में तंबाकू नियंत्रण को लेकर कई नवाचार और प्रभावी अभियान चलाए गए। जिनका सकारात्मक असर राज्य स्तर तक देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता, प्रभावी नीतियों और तंबाकू मुक्त राजस्थान के संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि युवाओं और आमजन को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने इस सफलता का श्रेय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, चिकित्सा कर्मियों तथा सामाजिक संगठनों के सामूहिक प्रयासों को दिया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि राजस्थान ने तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में देशभर में एक मॉडल स्थापित किया है। राज्य में तंबाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श सेवाओं का लगातार विस्तार किया गया है। जिससे लाखों लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जनजागरूकता और प्रभावी कानून प्रवर्तन के माध्यम से इस अभियान को और मजबूत किया जाएगा। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य में ब्लॉक स्तर तक 500 से अधिक तंबाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों को जियो-टैग कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है ताकि जरूरतमंद लोग निकटतम केंद्र तक आसानी से पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003 तथा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम-2019 के तहत एक लाख से अधिक चालान किए गए। जबकि ई-सिगरेट प्रतिबंध कानून के अंतर्गत 91 जब्ती कार्रवाइयां की गई। राज्य सरकार द्वारा जनजागरूकता के क्षेत्र में भी व्यापक अभियान चलाए गए। सोशल मीडिया पर 60 हजार से अधिक तंबाकू निषेध अभियान संचालित किए गए। इसके अलावा 83 हजार से अधिक विद्यालयों में तंबाकू मुक्त विद्यालय निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराई गई तथा लगभग 2.55 लाख जनजागरूकता गतिविधियों—जैसे नुक्कड़ नाटक, प्रतियोगिताएं और रैलियां—का आयोजन किया गया। डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी वर्ल्ड नो टोबेको डे अवॉर्ड 2026 सूची में राजस्थान को दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इस श्रेणी में भारत सरकार के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च, म्यांमार के पीपुल्स हेल्थ फाउंडेशन तथा थाईलैंड की संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया है। राजस्थान के लिए यह उपलब्धि जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक पहचान का प्रतीक मानी जा रही है।