सीकर के मेई गांव की महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय बना मिसाल, जनसहयोग से विकसित हुई आधुनिक सुविधाएं
सीकर। राहुल टांक
जिले के मेई गांव स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय आज सरकारी शिक्षा की बदलती तस्वीर बनकर सामने आया है। कभी जर्जर हालत में रहने वाला यह विद्यालय अब किसी बड़े प्राइवेट स्कूल से कम नजर नहीं आता। इस बदलाव का श्रेय शिक्षक अजय शेखावत को जाता है, जिन्होंने जनसहयोग और भामाशाहों की मदद से बिना सरकारी सहायता के स्कूल को नया रूप दे दिया।आज विद्यालय में आधुनिक सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण, कंप्यूटर शिक्षा और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल उपलब्ध है। पुराने कमरों की मरम्मत कर उन्हें आकर्षक बनाया गया है। स्कूल परिसर में टीनशेड और मंच का निर्माण करवाया गया, जहां प्रार्थना सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।विद्यालय में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, कंप्यूटर लैब का नवीनीकरण किया गया है तथा पूरे परिसर में पंखों की व्यवस्था की गई है। गांव की सरपंच प्रेम देवी परसवाल ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ओपन जिम स्थापित करवाया, वहीं राजकुमार परसवाल ने स्कूल में बोरवेल बनवाकर पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई।विद्यालय का परीक्षा परिणाम भी शानदार रहा। कक्षा 10वीं और 12वीं का परिणाम शत-प्रतिशत रहा तथा कई विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए। यही कारण है कि अब अभिभावकों का भरोसा सरकारी स्कूलों पर बढ़ा है और 100 से अधिक नए विद्यार्थियों ने विद्यालय में प्रवेश लिया है।गर्मी की छुट्टियों में भी विद्यालय में अतिरिक्त कक्षाएं, बीएसटीसी की निःशुल्क तैयारी, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। यह विद्यालय आज इस बात का उदाहरण बन चुका है कि समर्पित शिक्षक और सामूहिक प्रयास मिलकर सरकारी शिक्षा की तस्वीर बदल सकते हैं।












