पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बनाम प्रशासन आमने-सामने, “गरीबों से 5-5 लाख मांगे जा रहे” — पूर्व मंत्री का आरोप; एसएचओ का पलटवार — “मुझ पर चाय पीने तक का इल्जाम नहीं”
झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
शहर के एक नंबर रोड स्थित हांडी शाह दरगाह के पास वक्फ बोर्ड की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुक्रवार रात बड़े विवाद में बदल गई। कार्रवाई के विरोध में पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रशासन व वक्फ बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस-प्रशासन को भारी जाब्ता तैनात करना पड़ा। पूर्व मंत्री गुढ़ा ने आरोप लगाया कि वर्षों से यहां छोटी दुकानों और थड़ियों के जरिए जीवनयापन कर रहे गरीब परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दुकानदारों से दोबारा बसाने के नाम पर 5-5 लाख रूपए तक मांगे गए। गुढ़ा ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने कथित तौर पर रकम दी, उनकी दुकानें बचा ली गईं, जबकि गरीबों को हटाया गया।
रात में पहुंचे गुढ़ा, मौके पर जुटी भारी भीड़
जानकारी के अनुसार रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच राजेंद्र गुढ़ा समर्थकों के साथ हांडी शाह दरगाह क्षेत्र पहुंचे। इससे पहले प्रशासन की ओर से वक्फ बोर्ड की जमीन पर बनी दुकानों और थड़ियों को हटाकर वहां दीवार खड़ी की गई थी। पूर्व मंत्री के पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और क्षेत्र में माहौल गर्मा गया। विरोध के दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी हुई और मौके पर अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए।
एसएचओ और गुढ़ा के बीच हुई तीखी बहस
घटनास्थल पर उस समय तनाव और बढ़ गया जब कोतवाली थाना अधिकारी श्रवण कुमार और पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच तीखी बहस हुई। गुढ़ा ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए, जबकि एसएचओ श्रवण कुमार ने साफ शब्दों में जवाब देते हुए कहा— “मुझ पर कोई किसी की एक चाय पीने तक का इल्जाम नहीं लगा सकता।” इस दौरान समर्थकों की ओर से नारेबाजी भी की गई और माहौल काफी देर तक गरमाया रहा।
गधा गाड़ी पर बैठकर किया प्रदर्शन
विरोध को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए राजेंद्र गुढ़ा गधा गाड़ी पर बैठकर समर्थकों के साथ प्रदर्शन करते नजर आए। उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई को गरीब विरोधी बताते हुए इसे अन्यायपूर्ण करार दिया। विरोध के दौरान भीड़ ने प्रशासन द्वारा बनाई गई दीवार को नुकसान पहुंचाया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण इलाके में ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन गई।
आरएसी समेत भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए आरएसी सहित कई थानों का पुलिस जाब्ता मौके पर लगाया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। देर शाम डीएसपी गोपाल ढाका की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने शहर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने स्पष्ट कहा कि हटाए गए गरीब दुकानदारों को उसी स्थान पर दोबारा बसाने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन अपनी कार्रवाई को राजस्व रिकॉर्ड और न्यायालयीय आदेशों के आधार पर उचित बता रहा है।
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