लॉरेंस गैंग का शार्प शूटर सचिन भिवानी झुंझुनूं कोर्ट में पेश

हरियाणा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई पुलिस, कोर्ट परिसर और अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
कुख्यात लॉरेंस गैंग से जुड़े शार्प शूटर सचिन भिवानी को शुक्रवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच झुंझुनूं कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के बाद अदालत के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। हत्या, अपहरण, रंगदारी और गैंगवार जैसे गंभीर अपराधों में नामजद सचिन को झुंझुनूं कोतवाली पुलिस हरियाणा की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लाई थी। उसकी पेशी को लेकर जिला पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही।कोर्ट परिसर से लेकर राजकीय बीडीके अस्पताल तक सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। पेशी से पहले हथियारबंद जवानों की निगरानी में आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस की सतर्कता के चलते कोर्ट परिसर में आम लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी गई।

संदीप डांगी अपहरण प्रकरण में पूछताछ

एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि सचिन भिवानी को वर्ष 2022 में हुए संदीप डांगी अपहरण और मारपीट मामले में पूछताछ के लिए लाया गया है। भूरुंदा गांव निवासी संदीप डांगी का गैंगस्टर संपत नेहरा के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि संपत नेहरा के इशारे पर सचिन और उसके साथियों ने संदीप का अपहरण कर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद संदीप को हरियाणा के लोहारू क्षेत्र के पास फेंक दिया गया था। इस मामले में पुलिस पहले ही सचिन के साथी कपिल पंडित को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस सचिन से गैंग के नेटवर्क और वारदातों को लेकर गहन पूछताछ कर रही है।

राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में फैला अपराध नेटवर्क

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सचिन भिवानी पर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, रंगदारी, अपहरण और गैंगवार से जुड़े कई संगीन अपराध शामिल हैं। बताया जाता है कि उसके खिलाफ छह से अधिक हत्या के मामले दर्ज हैं। लंबे समय से वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था तथा राजस्थान में गैंग की गतिविधियों को संचालित करने में उसकी अहम भूमिका मानी जाती रही है।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से भी जुड़ा नाम

सचिन भिवानी का नाम चर्चित पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी प्रमुखता से सामने आया था। जांच एजेंसियों के अनुसार वह उन शूटरों और सहयोगियों में शामिल था जिन्होंने वारदात को अंजाम देने में भूमिका निभाई। उस पर हत्या से पहले और बाद में शूटरों को रसद और हथियार उपलब्ध कराने के भी आरोप हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां उसे लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का करीबी मानती हैं।

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