राज्य सरकार प्रदेश में बालिका को बढावा देने के लिए कृत संकल्पित – डोटासरा

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सीकर। शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढावा देने के लिए कृत संकल्पित है और उनके लिए प्रोत्साहन राशि बढाकर दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शुक्रवार को एक लाख 45 हजार 973 बालिकाओं को 56.79 करोड़ रुपये की राशि का गार्गी एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार वितरण किया गया है जिसमें सीकर जिले की 12 हजार 51 मेघावी छात्राएं भी शामिल है। उन्होंने कहा कि गार्गी पुरस्कार में प्रत्येक बालिका को तीन हजार रूपये एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार में 5 हजार रुपये की राशि बालिकाओं के बैंक खातों में स्थानान्तरित की जाएगी।
श्री डोटासरा शुक्रवार को सीकर के मेट्रीक्स हाईस्कूल में आयोजित जिला स्तरीय गार्गी एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व में प्रियदर्शनी पुरस्कार के रूप में केवल टॉपर एक बच्चियों को ही जिले में पुरस्कार मिलता था उसमें केवल विज्ञान विषय की ही बच्चियां अच्छे नम्बर आ जाने से आ जाती थी। राज्य सरकार ने सभी विषयों की कला, वाणिज्य, विज्ञान तीनों में तीन-तीन बच्चियों को प्रियदर्शनी पुरस्कार देने का निर्णय किया है। राज्य सरकार का प्रयास है कि बालिका को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले और उनको प्रोत्साहन मिले चाहे वह स्टेट ऑपन के माध्यम से अध्ययन करें, बालिका फाउण्डेशन के माध्यम से तथा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के माध्यम से पढाई करें सभी बच्चियों के लिए यह व्यवस्था की जायें। इन बालिकाओ को प्रोत्साहन के रूप में पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र देने का काम राज्य सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि हमारी जो बेटियां है जिन्होंने पढाई में 8वीं, 10वीं, 12वीं कक्षा में 75 प्रतिशत से उपर अंक प्राप्त किये है, उन सभी को गार्गी पुरस्कार मिला है जिसकी राशि सीधे उनके बैंक खाते में भिजवाने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है।
शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि बेटियों को आगे बढने का मौका मिलना चहिए , बेटियां शिक्षित होगी तो दो परिवारों को शिक्षित व सुसंस्कारित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी विद्यालयों में बाल सभाओं का आयोजन कर गांवों के लोगों को विद्यालय से जोड़ने का कार्य किया गया है जिससे अभिभावकों का जुड़ाव सरकारी विद्यालयों से हुआ है तथा विद्यालयों में नामांकन में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब का बेटा भी अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा अर्जित करें इसके लिए प्रदेश के 33 जिलाें में महात्मागांधी अंगे्रजी माध्यम के स्कूल खोल गये है तथा इसी सत्र से 167 ब्लाकों में भी एक-एक अंग्रेजी माध्यम का स्कूल खोला जायेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में भौतिक संसाधन एवं मूलभुत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 1581 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होेंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गांव के भामाशाहों ने भी 30 करोड़ रूपये की राशि का योगदान विद्यालयों में कक्षा- कक्ष निर्माण एवं अन्य संसाधन जुटाने के लिए दिया है जो अनुकरणीय है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता में नम्बर वन बनें।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे जिला कलेक्टर श्री यज्ञ मित्र सिंहदेव ने कहा कि छात्राएं अपनी पढाई के साथ-साथ खेलकूद समाज सेवा की विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि लड़कियां समाज की मुख्य कड़ी है, उन्हें शिक्षित, सुसंस्कारित करें ताकि वे समाज की मुख्य धारा से जुड़ सके। मुख्य अतिथि डोटासरा, जिला कलेक्टर यज्ञ मित्र सिंहदेव ने बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार, कालीबाई पुरस्कार, बालिका प्रोत्साहन राशि के प्रमाण पत्र समारोह में वितरित किए। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि संबंधित अधिकारी मौजूद थे

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