रीटा चौधरी के नेतृत्व में निकला पैदल मार्च , पुलिस से धक्का-मुक्की के बीच बैरिकेड्स पर चढ़े कांग्रेसी कार्यकर्ता, चुनावी तंत्र के दुरूपयोग से भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप , मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
झुंझुनूं।अजीत जांगिड़
वोट चोरी और भाजपा को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए चुनावी तंत्र के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। एआईसीसी के आह्वान और पीसीसी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व मंडावा विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष रीटा चौधरी ने किया। गांधी चौक से शुरू हुआ कांग्रेस का ‘लोकतंत्र बचाओ’ पैदल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में उदयपुरवाटी विधायक भगवाना राम सैनी, पिलानी विधायक पितराम काला, खेतड़ी विधानसभा प्रत्याशी मनीषा गुर्जर, जिला सह प्रभारी रियाजत खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
‘वोट हमारा , सरकार तुम्हारी—कहां से सीखी यह कलाकारी’
कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और विभिन्न नारों वाली तख्तियां लेकर पैदल मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान ‘मेरा वोट कोई पारले-जी का बिस्किट नहीं, जो हर कोई चाय में डुबोकर खा जाए’, ‘वोट हमारा, सरकार तुम्हारी—कहां से सीखी यह कलाकारी’, ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ और ‘वोट चोरी—सबसे बड़ी सीनाजोरी’ जैसे नारे गूंजते रहे। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
‘चुनावी तंत्र का दुरूपयोग कर भाजपा को फायदा पहुंचाया’ — रीटा चौधरी
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं मंडावा विधायक रीटा चौधरी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसकी जिम्मेदारी निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराना है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूचियों में नाम हटाने और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया के जरिए कुछ राज्यों में भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। रीटा चौधरी ने कहा कि हाल ही में राजस्थान में हुए नगर निकाय चुनावों के दौरान भी कांग्रेस के पार्षदों पर दबाव बनाने और उनके परिवारों को डराने-धमकाने के प्रयास किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां कांग्रेस के बोर्ड बनने की संभावना थी, वहां सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप बैठने वाली नहीं है। लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
बैरिकेड्स पर चढ़े कांग्रेस कार्यकर्ता , पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
जिला कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रदर्शन ने उस समय उग्र रूप ले लिया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए थे। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं मंडावा विधायक रीटा चौधरी , युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील झाझड़िया, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राहुल जाखड़ और कांग्रेस ओबीसी विभाग जिलाध्यक्ष संतोष सैनी सहित कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। मौके पर काफी देर तक नारेबाजी और पुलिस-कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी का माहौल बना रहा। प्रदर्शन में पीसीसी सदस्य सलीम खां सिगड़ी, रणजीत चंदेलिया, पूर्व प्रधान शेरसिंह नेहरा, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शकुंतला यादव, एससी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष अमर सिंह धीरज, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन प्रदेश सचिव राजकुमार राठी, जिलाध्यक्ष विजय मिल, चिड़ावा उपप्रधान विपिन नुनिया, मंडावा नगरपालिका चेयरमैन सज्जन मिश्रा, उप चेयरमैन नवाब खत्री, बिसाऊ के सलीम सैयद, राकेश डालमिया (मलसीसर), जिला प्रवक्ता जाकिर झुनझुनवाला, नरेश सोनी, राजकुमार ढाका, चुन्नीलाल चनेजा, आकाश चौधरी, झुंझुनूं ब्लॉक अध्यक्ष अजमत अली, चिड़ावा ब्लॉक अध्यक्ष संजय सैनी, पिलानी ब्लॉक अध्यक्ष विनोद काजला, मंडावा ब्लॉक अध्यक्ष किरोड़ीमल पायल, अलसीसर ब्लॉक अध्यक्ष यज्ञपाल, खेतड़ी-1 ब्लॉक अध्यक्ष बलराम गुर्जर, खेतड़ी-2 ब्लॉक अध्यक्ष रामवतार सैनी, गोकुलचंद सैनी खेतड़ी, मंडल अध्यक्ष शीशराम, सरपंच मुबारिक हैबत, कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी शमशाद खान सीरियसर, अनिल कालेर, राजेश गोदारा, इस्माइल तंवर, दिनेश ओलखा, पार्षद मनीष सैनी, दीपचंद नायक, मुबारक काजी, इमरान झुंझुनूं, अरबाज खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।











