विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाये रखना सिखाता है खेल – तरूण विजय
पुरुष-महिला वर्ग की विभिन्न भार श्रेणियों में खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन, समापन समारोह में प्रतिभागियों को किया सम्मानित
हनुमानगढ़।हिमांशु मिड्ढा
बेबी हैप्पी मॉडर्न पीजी कॉलेज, हनुमानगढ़ जंक्शन में महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर द्वारा आयोजित अंतर महाविद्यालय पेंसक सिलाट (पुरुष/महिला) प्रतियोगिता 2026-27 का समापन समारोहपूर्वक हुआ। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों से आए खिलाड़ियों ने अलग-अलग भार वर्गों में प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष तरुण विजय रहे, जबकि अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. विशाल पारीक ने की।
मुख्य अतिथि प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष तरुण विजय ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे गुण विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि पेंसक सिलाट जैसे खेल खिलाड़ियों को विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य के साथ आगे बढ़ने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते हैं।
तरुण विजय ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलों में भाग लेना भी बेहद आवश्यक है। महाविद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाली अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का बेहतर मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों के उत्साह और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है, लेकिन मैदान में उतरकर पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना ही खिलाड़ी की वास्तविक पहचान है।
उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि पदक जीतने वाले खिलाड़ी आगे भी निरंतर मेहनत करते रहें और उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने महाविद्यालय एवं जिले का नाम रोशन करें। साथ ही उन्होंने अन्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जो खिलाड़ी इस बार पदक हासिल नहीं कर सके, उन्हें निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानकर और अधिक मेहनत करनी चाहिए। निरंतर अभ्यास और समर्पण से सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
प्रतियोगिता के महिला वर्ग में अंडर-45 किलोग्राम भार वर्ग में राजकीय डूंगर कॉलेज बीकानेर की निकिता परिहार ने स्वर्ण, एमएस कॉलेज बीकानेर की भूमेश्वरी ने रजत तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय पीलीबंगा की दीपिका ने कांस्य पदक हासिल किया। अंडर-50 किलोग्राम में एमडी पीजी कन्या कॉलेज रायसिंहनगर की जशोदा ने स्वर्ण तथा अम्बिका कॉलेज पल्लू की निरमा कुमारी ने रजत पदक जीता। अंडर-55 किलोग्राम में एमडी पीजी कन्या कॉलेज रायसिंहनगर की सोनू ने स्वर्ण, डीपीपीटी कॉलेज नाल बीकानेर की माया जाट ने रजत और अम्बिका कॉलेज पल्लू की प्रेरणा ने कांस्य पदक प्राप्त किया। अंडर-60 किलोग्राम में यूटीबी एमजीएसयू बीकानेर की रिंकु भाम्भू ने स्वर्ण, अम्बिका कॉलेज पल्लू की मनोज ने रजत तथा एमडी पीजी कन्या कॉलेज रायसिंहनगर की पुनिता ने कांस्य पदक हासिल किया।
पुरुष वर्ग के अंडर-55 किलोग्राम में एनएसपीजी कॉलेज बीकानेर के मनसुख डुडी ने स्वर्ण, नोहर डिग्री कॉलेज के साहिल ने रजत तथा डॉ. बीआर अम्बेडकर कॉलेज नोहर के नवीन ने कांस्य पदक जीता। अंडर-65 किलोग्राम में एनएसपीजी कॉलेज बीकानेर के चन्द्र गिरी ने स्वर्ण तथा डीपीपीटी कॉलेज नाल बीकानेर के शंकर सिंह ने रजत पदक प्राप्त किया। अंडर-70 किलोग्राम में राजकीय डूंगर कॉलेज बीकानेर के अमित डुडी ने स्वर्ण तथा यूटीबी एमजीएसयू बीकानेर के रवि विष्नोई ने रजत पदक जीता।
अंडर-80 किलोग्राम भार वर्ग में एसजीएन खालसा पीजी कॉलेज हनुमानगढ़ के भानूप्रताप सिंह ने स्वर्ण तथा एनएसपीजी कॉलेज बीकानेर के वैभव सैनी ने रजत पदक हासिल किया। वहीं 110 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में बेबी हैप्पी मॉडर्न पीजी कॉलेज हनुमानगढ़ के दुर्लभ जोशी ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।प्राचार्य डॉ. विशाल पारीक ने सभी खिलाड़ियों, निर्णायकों एवं आयोजन से जुड़े सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। समारोह में विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।













