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हनुमानगढ़ में गणेशराज समर्थकों का प्रदर्शन, जंक्शन थाने का किया घेराव

हनुमानगढ़ जंक्शन थाने के बाहर गणेशराज बंसल समर्थकों का प्रदर्शन

चुनाव तक छापेमारी व दबाव की राजनीति नहीं करने पर बनी सहमति, एसडीएम रवि कुमार व सीओ सिटी मीनाक्षी सहारण से वार्ता के बाद समाप्त हुआ आंदोलन

हनुमानगढ़।हिमांशु मिड्ढा
निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल की टीम से चुने गए पार्षदों और समर्थकों के प्रतिष्ठानों पर विभिन्न विभागों की ओर से की जा रही कथित छापेमारी तथा दबाव बनाने के विरोध में शनिवार को जंक्शन में बड़ा प्रदर्शन किया गया। जंक्शन स्थित अग्रसेन भवन में बड़ी संख्या में विधायक समर्थक एकत्र हुए। सभा के दौरान वक्ताओं ने विभिन्न विभागों की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि नगर परिषद में सभापति पद के चुनाव को प्रभावित करने के लिए पार्षदों एवं समर्थकों पर दबाव बनाया जा रहा है।हनुमानगढ़ जंक्शन थाने के बाहर गणेशराज बंसल समर्थकों का प्रदर्शन

सभा के बाद समर्थकों ने अग्रसेन भवन से पुलिस थाना जंक्शन तक रोष मार्च निकाला। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर दिखाई दिए। समर्थकों ने ‘मेरी आवाज गणेशराज’, ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ और ‘लोकतंत्र की हत्या नहीं सहेंगे’, ‘नहीं झुकेगा हनुमानगढ़’ जैसे नारे लगाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरम रहा और समर्थकों ने एकजुट होकर कार्रवाई का विरोध किया।

सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि गणेशराज बंसल की टीम से चुनाव जीतकर आए पार्षदों तथा उनके समर्थकों के प्रतिष्ठानों को विभिन्न विभागों की ओर से निशाना बनाया जा रहा है। समर्थकों का आरोप था कि छापेमारी और जांच की कार्रवाई के माध्यम से पार्षदों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे नगर परिषद सभापति चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के संबंध में कोई शिकायत अथवा अनियमितता है तो नियमानुसार जांच की जाए, लेकिन चुनाव के ठीक पहले कार्रवाई कर राजनीतिक दबाव बनाने की स्थिति नहीं होनी चाहिए।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सभापति पद हासिल करने के लिए पार्षदों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि दबाव के माध्यम से अपना बोर्ड बनाया जा सके। हालांकि ये आरोप प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं और समर्थकों की ओर से लगाए गए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष रखा जाए और किसी भी राजनीतिक दल या पक्ष की ओर से पार्षदों पर दबाव नहीं बनाया जाए।

प्रदर्शन में माकपा कार्यकर्ताओं ने भी गणेशराज बंसल समर्थकों के आंदोलन को समर्थन दिया। रणनीतिकार अमित माहेश्वरी के नेतृत्व में समर्थकों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। सभा में वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए पार्षदों को अपनी इच्छा के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के दबाव या भय के माहौल में चुनाव करवाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं होगा।

इसके बाद प्रदर्शनकारी पुलिस थाना जंक्शन पहुंचे और थाने का घेराव किया। बड़ी संख्या में समर्थक करीब दो घंटे तक थाने के बाहर डटे रहे। इस दौरान लगातार नारेबाजी होती रही। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से वार्ता के लिए उपखण्ड अधिकारी रवि कुमार तथा सीओ सिटी मीनाक्षी सहारण पहुंचे। अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव संपन्न होने तक विभिन्न विभागों की कार्रवाई और कथित दबाव की राजनीति पर रोक लगाने की मांग रखी।

वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि नगर परिषद सभापति चुनाव संपन्न होने तक आगामी दो दिनों में किसी भी प्रकार की छापेमारी अथवा दबाव की राजनीति नहीं होगी। प्रदर्शनकारियों ने इस सहमति के बाद अपना आंदोलन समाप्त किया। समर्थकों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करवाना है।
इधर, 21 सितंबर को प्रस्तावित नगर परिषद सभापति चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

प्रदर्शन के दौरान समर्थकों की बड़ी मौजूदगी और नारों से शहर की सियासत में चल रही खींचतान भी खुलकर सामने आई। अब वार्ता में बनी सहमति के बाद चुनाव तक प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर क्या स्थिति रहती है और सभापति चुनाव किस तरह संपन्न होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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