सदस्यों ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप, बोले—सरकार तक पहुंचाएंगे मामला
ALSO FOLLOW INTERVIEWER INDIA ON FACEBOOK YOUTUBE

हनुमानगढ़।हिमांशु मिड्ढा
जिला खाद्य सुरक्षा एवं सतर्कता समिति की सोमवार को आयोजित अहम बैठक विवादों में घिर गई। बैठक में जिला खाद्य सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) और समिति सदस्यों के बीच कथित तौर पर हुई तकरार के बाद सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। समिति सदस्यों ने डीएसओ पर दुर्व्यवहार करने तथा बैठक को गंभीरता से नहीं लेने के आरोप लगाए।समिति सदस्यों का कहना है कि बैठक के लिए सभी सदस्यों को विधिवत बुलाया गया था। सदस्य निर्धारित समय पर बैठक में पहुंच गए, लेकिन आरोप है कि डीएसओ स्वयं बैठक में मौजूद नहीं हुए। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब अधिकारी पहुंचे तो बैठक की प्रक्रिया को लेकर सदस्यों और अधिकारी के बीच विवाद की स्थिति बन गई।समिति सदस्यों ने आरोप लगाया कि अधिकारी का व्यवहार सदस्यों के प्रति उचित नहीं था। इतना ही नहीं, सदस्यों ने डीएसओ पर उन्हें बैठक से बाहर निकालने का भी आरोप लगाया। इसके विरोध में समिति के सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। सदस्यों का कहना था कि यदि सरकार की ओर से गठित समिति की बैठक में ही सदस्यों को सम्मान नहीं मिलेगा और अधिकारियों की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जाएगी तो समिति का उद्देश्य ही प्रभावित होगा।समिति सदस्य संदीप गोदारा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं सतर्कता समिति का गठन आमजन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की निगरानी और समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए किया गया है। समिति के सभी सदस्यों को बैठक के लिए बुलाया गया था, लेकिन अधिकारी की ओर से बैठक के प्रति अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि सदस्यों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह उचित नहीं है। समिति सदस्य जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर बैठक में पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का उचित अवसर तक नहीं मिला।गोदारा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन और समिति के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट की रोकथाम, दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की जांच तथा आमजन की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई जैसे कई महत्वपूर्ण विषय हैं, जिन पर नियमित रूप से चर्चा और निगरानी की आवश्यकता है।समिति सदस्यों ने कहा कि वे पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाएंगे। सदस्यों का कहना है कि समिति की बैठकें केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इनमें जनता से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। बैठक के बहिष्कार के बाद अब यह मामला जिला प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचने की संभावना है।
CHURU प्रीमियर लीग-3 का धमाकेदार आगाज 🏏 | तनवीर खान ने किया उद्घाटन | Open Night Cricket Tournament
चूरू में ‘ऑपरेशन नकेल’ के तहत बडी कार्रवही : कंटेनर से 961 कार्टन अवैध शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार













