उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की उठाई मांग
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में हुई मृत्यु के मामले को लेकर विप्र फाउंडेशन, जिला इकाई झुंझुनूं ने निष्पक्ष न्याय की मांग उठाई है। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला कलक्टर डॉ. अरूण गर्ग को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी, उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की। जिला संयोजक उमाशंकर महमिया ने बताया कि जिला संरक्षक राजेंद्र जोशी एवं एडवोकेट महेश शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने और दंडित करने का अधिकार केवल न्यायालय को है। ऐसे में भरत तिवारी प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना आवश्यक है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। ज्ञापन में मांग की गई कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य संबंधित पक्ष की भूमिका, लापरवाही या दोष सिद्ध होता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुरूप कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को सम्मानजनक आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए तथा परिवार के एक योग्य सदस्य को नियमानुसार सरकारी नौकरी देकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए। विप्र फाउंडेशन ने कहा कि इस संवेदनशील प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण कर न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे आमजन का न्यायपालिका एवं कानून व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत हो तथा निष्पक्ष न्याय की भावना बनी रहे। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संगठन महामंत्री रामगोपाल महमिया, एडवोकेट अनुपम शर्मा, एडवोकेट रवि शुक्ला, जिला मंत्री रमेश चौमाल, रामगोपाल शर्मा (बीएमएस), अमृत जोशी, राकेश सहल, पंडित हरिकिशन शुक्ला, अनूप पुरोहित, सुभाष जोशी, राजदीप महर्षि, अमित पांडेय, चंद्रप्रकाश जोशी, ललित शर्मा, अमित स्वामी, योगेश शुक्ला, सूर्य प्रकाश शर्मा सहित विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारी, सदस्य एवं समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।













