वर्षों से जलभराव की समस्या जस की तस, बाइक सवार फिसल रहे, स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान; ग्रामीण बोले— अब भी नहीं चेता प्रशासन तो कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
सिंघाना। झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
पंचायत समिति क्षेत्र के सावलोद गांव में विकास और व्यवस्थाओं के दावों की हकीकत मुख्य मार्ग पर साफ दिखाई दे रही है। गांव का प्रमुख रास्ता लंबे समय से गंदे पानी के स्थायी जलभराव की चपेट में है, जिससे हर दिन ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सड़क अब सड़क कम और गंदे पानी का तालाब ज्यादा नजर आने लगी है, जबकि जिम्मेदार तंत्र अब तक इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाता दिखाई नहीं दे रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव का मुख्य मार्ग है और इसका कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, किसान और दोपहिया वाहन चालक सभी को मजबूरी में इसी जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है। गंदे पानी के कारण सड़क बेहद फिसलनभरी हो चुकी है और आए दिन बाइक सवार संतुलन खोकर गिर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार प्रतिदिन दो से तीन लोग फिसलकर चोटिल हो जाते हैं, जिससे पूरे गांव में लगातार किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
भाजपा नेता विकास भालोठिया ने बताया कि सड़क के दोनों ओर बने कई मकानों से निकलने वाले गंदे पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था नहीं है। कई स्थानों पर नालियां नहीं बनने के कारण गंदा पानी सीधे सड़क पर बहकर जमा हो जाता है। उनका कहना है कि सड़क किनारे हुए अतिक्रमण के कारण सड़क का प्राकृतिक ढाल भी प्रभावित हो गया है। दोनों किनारों की ऊंचाई बढ़ जाने और बीच का हिस्सा नीचे होने से बारिश का पानी और घरेलू गंदा पानी सड़क पर ही जमा होकर लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनाए रखता है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या नई नहीं है, लेकिन इसके बावजूद अब तक न तो अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई हुई और न ही स्थायी जल निकासी की व्यवस्था विकसित की गई। परिणामस्वरूप हर वर्ष बरसात के मौसम में हालात और अधिक विकट हो जाते हैं तथा आमजन की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे हुए अतिक्रमण हटाकर स्थायी नाला निर्माण कराया जाए, सड़क की मरम्मत कर समुचित जल निकासी सुनिश्चित की जाए तथा इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात के दौरान स्थिति और भयावह हो सकती है तथा किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।












