दूधवाखारा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, टेक्निकल एक्सपर्ट समेत गिरोह के सदस्य दबोचे
चूरू। दूधवाखारा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 करोड़ 29 लाख रुपये के क्रिप्टो साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश कर एक हाईटेक साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के टेक्निकल एक्सपर्ट सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से अवैध लेनदेन को अंजाम दे रहे थे।गिरफ्तार आरोपियों में चलकोई बनीरोतान निवासी 28 वर्षीय भवानी सिंह, 27 वर्षीय मनीष मेघवाल, 29 वर्षीय संजय सिंह तथा राजगढ़ के बासमुंदी निवासी 23 वर्षीय दीपांशु शामिल हैं। दीपांशु वर्तमान में चूरू की पूनिया कॉलोनी में रह रहा था।पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि साइबर सेल से प्राप्त म्यूल अकाउंट और संदिग्ध बैंक लेनदेन के इनपुट के आधार पर दूधवाखारा थाना साइबर डेस्क ने तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल ट्रांजैक्शन, आईपी एड्रेस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के गहन विश्लेषण के बाद पुलिस गिरोह तक पहुंचने में सफल रही।जांच में सामने आया कि आरोपी ट्रोन लिंक और टेलीग्राम जैसे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म का उपयोग कर यूएसडीटी (USDT) को भारतीय मुद्रा में परिवर्तित करते थे। गिरोह में दीपांशु तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी संभालता था, जबकि अन्य आरोपी अपने तथा अन्य लोगों के बैंक खाते उपलब्ध कराकर अवैध राशि विभिन्न खातों में मंगवाते थे। इसके बाद एटीएम और चेक के जरिए नकदी निकालकर सिंडिकेट तक पहुंचाई जाती थी।पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मात्र एक महीने के भीतर करीब 2 करोड़ 29 लाख रुपये के अवैध डिजिटल ट्रांजैक्शन किए। कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी पश्चिम बंगाल चले गए थे, लेकिन वहां नेटवर्क स्थापित नहीं होने के कारण वापस लौट रहे थे। इसी दौरान दूधवाखारा थाना पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी की राशि, अन्य सहयोगियों तथा पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
भवानी सिंह (28), निवासी चलकोई बनीरोतान
मनीष मेघवाल (27), निवासी चलकोई बनीरोतान
संजय सिंह (29), निवासी चलकोई बनीरोतान
दीपांशु (23), निवासी बासमुंदी, राजगढ़
ऐसे करते थे साइबर फ्रॉड
ट्रोन लिंक और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल
यूएसडीटी को भारतीय मुद्रा में बदलना
म्यूल बैंक खातों के जरिए अवैध राशि का लेनदेन
एटीएम और चेक से नकदी निकालकर सिंडिकेट तक पहुंचाना
मुख्य तथ्य
एक माह में 2.29 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन
साइबर सेल के इनपुट पर हुई कार्रवाई
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और आईपी एड्रेस से मिला सुराग
पूरे नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी











