भव्य कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, हरीश उपाध्याय ठाकुरजी महाराज ने बताया भागवत कथा का महत्व।
चूरू। अधिक मास के पावन अवसर पर शहर के श्री राम मंदिर में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। गढ़ परिसर स्थित गोपाल मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश यात्रा रवाना हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भाग लिया।भजन-कीर्तन, धार्मिक जयघोष और आध्यात्मिक माहौल के बीच निकली कलश यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्री राम मंदिर पहुंची। यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद कथा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया। कथा के प्रथम दिवस वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक हरीश उपाध्याय ठाकुरजी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।उन्होंने कहा कि भगवान के नाम का स्मरण और सत्संग से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा अधिक मास में धार्मिक अनुष्ठान और कथा श्रवण का विशेष महत्व माना गया है।इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी और शहरवासी मौजूद रहे।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कथा महोत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक प्रवचन, भजन संध्या और विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्म लाभ लेने तथा आयोजन में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।













