दो करोड़ की सड़क ‘गायब’!

श्योलपुरा की स्वीकृत सड़क तातीजा में बनाने का आरोप, जांच के आदेश के बाद भी विभाग मौन, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा — “सड़क चोरी कर दूसरी जगह बना दी”, 10 जून तक कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
झुंझुनूं जिले में सार्वजनिक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि श्योलपुरा से गोरधनपुरा मार्ग पर स्वीकृत करोड़ों रूपए की सड़क “गायब” कर दी गई और उसे दूसरी जगह बना दिया गया। हैरत की बात यह है कि पूरे मामले की शिकायत और जांच की मांग के बावजूद विभाग अब तक चुप्पी साधे बैठा है। अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड रामचंद्र कुलहरी और पूर्व सरपंच हुकमीचंद तातीजा के नेतृत्व में ग्राम श्योलपुरा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर की अनुपस्थिति में उनके नीजी सहायक को ज्ञापन सौंपते हुए विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन और विभाग की मिलीभगत के कारण गांव की स्वीकृत सड़क को “चोरी” कर दूसरी दिशा में बना दिया गया, लेकिन दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2023-24 में खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र के पैकेज संख्या RJ 20-02/VC/KTR/2023-24 के तहत ग्राम श्योलपुरा से गोरधनपुरा मार्ग पर तातीजा सीमा तक पांच किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए करीब दो करोड़ रूपए मंजूर हुए थे। स्वीकृति की खबर से गांव में खुशी का माहौल था और लोगों को वर्षों पुरानी सड़क समस्या के समाधान की उम्मीद जगी थी। लेकिन बाद में ग्रामीणों को पता चला कि सड़क निर्माण श्योलपुरा से शुरू ही नहीं हुआ। आरोप है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव और आर्थिक प्रलोभन के चलते स्वीकृत सड़क को श्योलपुरा की बजाय तातीजा ग्राम की तरफ मोड़ दिया। ग्रामीण लंबे समय तक इंतजार करते रहे, लेकिन जब सड़क का कोई काम शुरू नहीं हुआ तो निराशा बढ़ने लगी। मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ दिन पहले पूर्व सरपंच हुकमीचंद वहां से गुजर रहे थे और तातीजा की ओर बनी सड़क पर लगे माइलस्टोन पर “श्योलपुरा” लिखा मिला। इसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और पूरे मामले को सड़क घोटाले के रूप में देखा जाने लगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 27 अप्रैल को भी जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर पूरे मामले की जांच की मांग की गई थी। जिला कलेक्टर ने अधीक्षण अभियंता को जांच के निर्देश भी दिए, लेकिन एक महीने बाद भी जांच रिपोर्ट पेश नहीं की गई। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि विभाग मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि “हमारी स्वीकृत सड़क चोरी हो गई, उसका सुराग भी बता दिया, फिर भी विभाग अता-पता नहीं बता रहा।” ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और श्योलपुरा से गोरधनपुरा मार्ग पर तातीजा सीमा तक मूल स्वीकृत सड़क का निर्माण करवाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि 10 जून तक कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग की होगी। प्रतिनिधिमंडल में हंसराम खटाणा, व्याख्याता मांगूराम तंवर, चुन्नीलाल, मंगलाराम सहित कई ग्रामीणजन मौजूद रहे।

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