शेखावाटी के जल संकट और किसानों के हकों की लड़ाई होगी तेज – पेमाराम

अखिल भारतीय किसान सभा का 29वां जिला सम्मेलन सम्पन्न, रणधीर सिंह ओला जिलाध्यक्ष व सुमेर बुडानिया महामंत्री निर्वाचित

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
खिल भारतीय किसान सभा का 29वां जिला सम्मेलन रविवार को झुंझुनूं स्थित शिक्षक भवन में उत्साह और जोश के साथ सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में जिले भर से पहुंचे सैकड़ों किसान प्रतिनिधियों ने कृषि संकट, सिंचाई, फसलों के लाभकारी मूल्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर गहन मंथन किया। सम्मेलन में सर्वसम्मति से नई जिला कार्यकारिणी का गठन करते हुए रणधीर सिंह ओला को जिलाध्यक्ष, सुमेर सिंह बुडानिया को जिला महामंत्री तथा प्रवेश झाझड़िया को कोषाध्यक्ष चुना गया।सम्मेलन का शुभारंभ संगठन के निवर्तमान जिलाध्यक्ष गिरधारी महला द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके बाद औपचारिक कार्यवाही प्रारंभ हुई। सम्मेलन का उद्घाटन अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य अध्यक्ष कामरेड पेमाराम ने किया। अपने उद्घाटन संबोधन में कामरेड पेमाराम ने कहा कि देश और प्रदेश का किसान आज गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है, दूध और अन्य कृषि उत्पादों के दाम भी लागत के अनुरूप नहीं हैं। बढ़ती खेती लागत, कर्ज का बोझ और बाजार की अनिश्चितताओं ने किसानों की कमर तोड़ दी है।उन्होंने शेखावाटी क्षेत्र में गहराते जल संकट को चिंताजनक बताते हुए कहा कि भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में सिंचाई के साथ-साथ पेयजल का भी गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। पेमाराम ने आरोप लगाया कि नहर परियोजना के नाम पर किसानों और आमजन को केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। चुनाव और उपचुनाव के दौरान अधिकारियों को क्षेत्र में भेजकर डीपीआर की कवायद दिखाई गई, लेकिन आज तक परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी। उन्होंने कहा कि किसान सभा इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलाएगी और किसानों को संगठित कर संघर्ष को तेज करेगी। सम्मेलन की अध्यक्षता कामरेड फूलचंद बर्बर, विद्याधर गिल एवं राजेश बिजारणिया ने की। इस दौरान राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के जिलाध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया, सीटू के जिलाध्यक्ष गजराज कटेवा, एसएफआई के जिला अध्यक्ष आशीष पचार तथा डीवाईएफआई के जिला अध्यक्ष पंकज गुर्जर ने सम्मेलन को बधाई देते हुए किसान आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। जिला मंत्री मदन सिंह यादव ने पिछले तीन वर्षों की संगठनात्मक गतिविधियों, आंदोलनों और संघर्षों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट पर प्रतिनिधियों ने विस्तार से चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बहस के बाद रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

31 सदस्यीय जिला कमेटी का हुआ गठन

सम्मेलन के दूसरे चरण में नई जिला कमेटी और कार्यकारिणी का चुनाव सम्पन्न हुआ। सर्वसम्मति से गठित 31 सदस्यीय जिला कमेटी में रणधीर सिंह ओला को जिलाध्यक्ष, सुमेर सिंह बुडानिया को महामंत्री तथा प्रवेश झाझड़िया को कोषाध्यक्ष चुना गया। विजेंद्र कुलहरी, सुरेश महला, देवकीनंदन, सुरेंद्र लाम्बा एवं विजेंद्र लाम्बा को उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीं अरविंद गढ़वाल, हरिसिंह बुर्दक, महावीर खरबास, पवन कुल्हार और राजेंद्र पिलानी को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में राजेश बिजारणिया, महिपाल पुनिया, बिलाल कुरैशी, शिवनाथ महला, संदीप सर्वा, सुभाष बुगालिया, नरेंद्र सिंह पायल, मूलचंद खरिटा, प्रमोद स्वामी, दरिया सिंह, रोहिताश महला, चंद्रभान यादव एवं नरेंद्र बड़िया का चयन किया गया। सम्मेलन के समापन अवसर पर नव-निर्वाचित पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने किसान एकता, संगठन विस्तार और संघर्ष को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों, सिंचाई के पानी, फसलों के लाभकारी मूल्य, कृषि संकट और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आने वाले समय में व्यापक आंदोलन चलाए जाएंगे। नव-निर्वाचित जिलाध्यक्ष रणधीर सिंह ओला और महामंत्री सुमेर सिंह बुडानिया ने कहा कि किसान सभा जिले के हर गांव तक संगठन का विस्तार करेगी तथा किसानों की आवाज को मजबूती से उठाते हुए उनके अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष को नई धार देगी। सम्मेलन का समापन “किसान एकता जिंदाबाद” और “संघर्ष ही समाधान है” के नारों के साथ हुआ। इस अवसर पर जिले भर से आए सैकड़ों किसानों की उपस्थिति ने किसान सभा की संगठनात्मक मजबूती और किसान हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।