शिक्षक शक्ति के आगे झुका तंत्र, 28 जून तक बढ़ा ग्रीष्मावकाश

शिक्षक संगठनों के विरोध के बाद सरकार ने बदला फैसला, संस्था प्रधान अवकाश भी पूर्ववत किया

चूरू। राजस्थान में शिक्षक संगठनों के लगातार विरोध-प्रदर्शनों, ज्ञापन अभियानों और प्रस्तावित आंदोलनों के दबाव के बाद राज्य सरकार ने ग्रीष्मावकाश कटौती के निर्णय में संशोधन कर दिया है। सरकार ने अब ग्रीष्मावकाश को 20 जून के बजाय 28 जून तक बढ़ाने तथा संस्था प्रधान (HM) अवकाश को पूर्ववत दो दिवस रखने का निर्णय लिया है।राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर) ने 17 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे थे। इसके साथ ही 15 मई को निदेशालय स्तर की वार्ता में 10 जून को प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई थी। संगठन का कहना है कि शिक्षकों की एकजुटता और आंदोलन की चेतावनी के चलते सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा।संघ के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण बारूपाल, प्रदेश महामंत्री सोहन जोरम तथा चूरू जिलाध्यक्ष शिवाराम मेघवाल ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि समानीकरण, स्टाफिंग पैटर्न, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, संविदाकर्मी नियमों में सुधार तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों का भी शीघ्र समाधान किया जाए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शेष मांगों का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आगामी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए बाध्य होगा।संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यह शिक्षक एकता, संगठनात्मक शक्ति और लोकतांत्रिक संघर्ष की महत्वपूर्ण जीत है, लेकिन लंबित मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।

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