18 नवप्रसूता माताओं का हुआ सम्मान, नवजात बेटियों को भेंट किए बेबी किट और पौधे
झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
“बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत मंगलवार को भगवान दास खेतान (बीडीके) अस्पताल की जनाना विंग में बेटी जन्मोत्सव एवं माता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में नवजात बेटियों के जन्म की खुशियां मनाते हुए नवप्रसूता माताओं का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग, जिला वन अधिकारी काविया पीबी, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्यौला, एसडीएम कौशल्या विश्नोई, सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर तथा अस्पताल पीएमओ डॉ. जितेंद्र भांबू ने 18 नवप्रसूता माताओं को बेबी किट भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान डॉ सिद्धार्थ शर्मा, डॉ विजय झाझडिया , डॉ प्रियंका शेखसरिया , डॉ संजय खीचड़, जीकोन प्रचार्य डॉ आबिदा खान, एसीएफ हरिंदर भाकर, एपीआरओ विकास चाहर, नर्सिंग अधीक्षक ओमप्रकाश जांगीड़, प्यारेलाल ,सुरेश मील, सुभाष बाकरा, विनिता ,सुनील शर्मा सहित संबंधित अधिकारी व मेडिकल स्टाफ मौजूद रहे। अधिकारियों ने नवजात बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बेटियों को समाज की शक्ति बताया। इस अवसर पर वन विभाग की ओर से माताओं को पौधे भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि जिस प्रकार मां अपने बच्चे की देखभाल करती है, उसी प्रकार वह पौधे का भी संरक्षण करेगी।कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि सम्मानित माताओं में तीन ऐसी महिलाएं भी शामिल थीं, जिनकी दूसरी संतान भी बेटी हुई है। जिला प्रशासन ने इन परिवारों की सराहना करते हुए कहा कि बेटियां परिवार और समाज दोनों का गौरव हैं तथा उनके जन्म को उत्सव के रूप में मनाना सकारात्मक सोच का प्रतीक है।जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने कहा कि झुंझुनूं जिले में प्रत्येक बेटी के जन्म पर जिला प्रशासन की ओर से परिवारों को बधाई पत्र भेजने की परंपरा है, ताकि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सकारात्मक संदेश पहुंचे। उन्होंने कहा कि बेटियों के प्रति समाज की सोच में बदलाव लाने के लिए ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्यौला ने बताया कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिले के लिंगानुपात में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि झुंझुनूं जिले का लिंगानुपात अब बढ़कर 943 तक पहुंच गया है, जो सकारात्मक बदलाव का संकेत है।कार्यक्रम के दौरान माताओं और उनके परिजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई परिवारों ने इस खुशी के पल को वीडियो कॉल और सेल्फी के माध्यम से अपने रिश्तेदारों व परिचितों के साथ साझा किया। अस्पताल परिसर में बेटी जन्म को उत्सव के रूप में मनाने का माहौल नजर आया।










