बंगाल फतह कर मुकुंदगढ़ का नाम रोशन: पूर्व कोलकाता पुलिस कमिश्नर डॉ. राजेश सुरोलिया बने विधायक

जगतदल से भाजपा प्रत्याशी के रूप में ऐतिहासिक जीत, मुकुंदगढ़ में जश्न का माहौल; गोपीनाथ चौक पर आतिशबाजी और मिठाइयां बांटी गईं

मुकुंदगढ़ ।झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ की मिट्टी से जुड़े रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी डॉ. राजेश कुमार सुरोलिया ने शानदार राजनीतिक सफलता हासिल करते हुए जगतदल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की है। उनकी जीत की खबर जैसे ही मुकुंदगढ़ पहुंची, पूरे कस्बे में उत्सव का माहौल बन गया। जगह-जगह आतिशबाजी हुई, मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने एक-दूसरे को बधाइयां देकर खुशी जाहिर की। डॉ. सुरोलिया मुकुंदगढ़ के पूर्व पालिकाध्यक्ष पंडित श्यामसुन्दर सुरोलिया के पुत्र हैं। प्रशासनिक सेवा में लंबा और प्रभावशाली अनुभव रखने वाले डॉ. सुरोलिया की राजनीतिक जीत को मुकुंदगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे झुंझुनूं जिले के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है। उनके पैतृक निवास वार्ड नंबर 2 में सुबह से ही समर्थकों, रिश्तेदारों और स्थानीय नागरिकों का तांता लगा रहा। ढोल-नगाड़ों और पटाखों के बीच लोगों ने जीत का जश्न मनाया। महिलाओं ने मंगलगीत गाकर खुशी जताई तो युवाओं ने नारेबाजी करते हुए विजय उत्सव मनाया। मुकुंदगढ़ के मुख्य बाजार स्थित गोपीनाथ चौक पर व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने एकत्रित होकर भव्य जश्न मनाया। चौक पर आतिशबाजी की गई और मिठाइयां बांटकर डॉ. सुरोलिया की जीत पर गर्व व्यक्त किया गया। लोगों ने कहा कि मुकुंदगढ़ के बेटे ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में जीत दर्ज कर क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। इस दौरान राजाराम सुरोलिया, डीके सुरोलिया, अशोक सुरोलिया, पंडित आदित्यनारायण सुरोलिया, स्वप्निल, सिद्धांत, नितिन, ध्रुव सुरोलिया, मनीष शर्मा, गोकुल प्रसाद सैनी, रमेश शर्मा, वैभव सुरोलिया, नंदकिशोर जोशी, जगदीश प्रसाद शर्मा, स्वराज शर्मा, सर्विल सुरोलिया, प्रवीण शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, सरला सुरोलिया, विजयलक्ष्मी, सरिता , सुप्रिया और किरण सैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। डॉ. राजेश कुमार सुरोलिया का प्रशासनिक करियर बेहद उल्लेखनीय रहा है। वे कोलकाता पुलिस आयुक्त जैसे प्रतिष्ठित पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में एडीजी स्तर के कई महत्वपूर्ण दायित्वों का सफल निर्वहन भी उन्होंने किया। सख्त प्रशासनिक कार्यशैली, अनुशासन और जनसरोकारों से जुड़े फैसलों के कारण वे लंबे समय तक चर्चा में रहे। उन्होंने 31 जनवरी 2026 को आईपीएस सेवा से सेवानिवृत्ति ली थी और इसके बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखा। पहली ही बड़ी राजनीतिक परीक्षा में मिली इस जीत ने उन्हें पश्चिम बंगाल की राजनीति में मजबूत पहचान दिला दी है।

क्षेत्रवासियों ने कहा

“मुकुंदगढ़ का गौरव बढ़ाया” डॉ. सुरोलिया की जीत को लेकर मुकुंदगढ़ सहित पूरे शेखावाटी क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट सेवाएं देने के बाद अब जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी नई भूमिका समाज और प्रदेश के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी ।

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