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CMHO का चैंबर कुर्क, फार्मा कंपनी के ब्याज के 22.09 लाख नहीं चुकाने पर कार्रवाई

पाली में ब्याज की बकाया राशि के मामले में न्यायालय के आदेश पर कुर्क किए गए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी CMHO के चैंबर का समाचार

वाणिज्यिक न्यायालय के आदेश के बाद भी भुगतान नहीं होने पर कोर्ट की कार्रवाई, चैंबर पर नोटिस चस्पा कर चाबी डिक्रीदार को सौंपी

प्रहलाद सिंह | पाली

पाली में सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के चैंबर को कुर्क कर दिया गया। फार्मा कंपनी के ब्याज की बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर न्यायालय के आदेश के तहत यह कार्रवाई की गई। चैंबर पर ताला लगाकर उसकी चाबी डिक्रीदार को सौंप दी गई और न्यायालय का नोटिस भी चस्पा किया गया।

दवाइयों की सप्लाई के बाद ब्याज को लेकर विवाद

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2012 और 2013 में मेकोन फार्मा ने पाली के सीएमएचओ कार्यालय को करीब 48 लाख रुपए की दवाइयां सप्लाई की थीं। वर्ष 2015 में तत्कालीन सीएमएचओ ने कंपनी को 26 लाख रुपए का भुगतान किया। इसके बाद मार्च 2022 में बकाया 22 लाख रुपए का भुगतान किया गया।लंबे समय तक भुगतान लंबित रहने के कारण कंपनी के प्रोपराइटर जयकुमार शर्मा ने वर्ष 2020 में ब्याज की मांग को लेकर वाणिज्यिक न्यायालय, जोधपुर में याचिका दायर की थी।

सितंबर 2025 में कोर्ट ने दिया था भुगतान का आदेश

मामले में सितंबर 2025 में न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए परिवादी को 9 प्रतिशत ब्याज की दर से 22 लाख 9 हजार 117 रुपए देने के आदेश जारी किए थे। हालांकि, इसके बाद भी ब्याज की राशि का भुगतान नहीं होने पर न्यायालय में डिक्री की कार्रवाई आगे बढ़ी।बताया गया कि करीब तीन महीने पहले न्यायालय ने सीएमएचओ को नोटिस जारी कर डिक्री की कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद भुगतान नहीं होने पर सोमवार को चैंबर कुर्क करने की कार्रवाई की गई।

कोर्ट के कर्मचारियों ने की कार्रवाई

पाली जिला एवं सेशन कोर्ट के सेल अमीन रवि कुमार और सवार देवेंद्र सिंह ने सीएमएचओ के चैंबर को कुर्क किया। इस दौरान चैंबर पर न्यायालय का नोटिस चस्पा किया गया और उसकी चाबी डिक्रीदार को सौंप दी गई।

CMHO बोले—कोर्ट में रखेंगे अपना पक्ष

इस मामले में सीएमएचओ विकास मारवाल ने कहा कि सामने वाली पार्टी ने ब्याज के लिए क्लेम किया है। वे भी न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे। न्यायालय के आदेश के तहत हुई इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

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