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Home राजस्थान चूरू LIC कर्मचारी बनकर महिला से 10 हजार रुपए की साइबर ठगी

LIC कर्मचारी बनकर महिला से 10 हजार रुपए की साइबर ठगी

चूरू में LIC कर्मचारी बनकर महिला से 10 हजार रुपए की साइबर ठगी का मामला

दिवंगत पति की पॉलिसी में नॉमिनी बताकर जाल में फंसाया, खाते में राशि आए बिना ही करवा लिया ट्रांसफर

चूरू। चूरू शहर में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है। यहां एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का कर्मचारी बताकर 35 वर्षीय महिला को उसके दिवंगत पति की पॉलिसी के नाम पर झांसे में लिया और उससे 10 हजार रुपए अपने बताए बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का पता चलने पर महिला ने कोतवाली थाने की साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

1,400 रुपए भेजने और 10 हजार अतिरिक्त आने का दिया झांसा

कोतवाली थाना पुलिस से गुरुवार शाम करीब 6 बजे मिली जानकारी के अनुसार, महिला के पति का लगभग पांच वर्ष पहले निधन हो चुका है। इसी बात का फायदा उठाकर अज्ञात व्यक्ति ने महिला को फोन किया और खुद को LIC कर्मचारी बताया।आरोपी ने महिला से कहा कि वह उसके दिवंगत पति की LIC पॉलिसी में नॉमिनी है और इसी कारण LIC की ओर से उसके खाते में 1,400 रुपए भेजे गए हैं। इसके बाद आरोपी ने दावा किया कि रकम भेजने के दौरान गलती से 10 हजार रुपए अतिरिक्त ट्रांसफर हो गए हैं। उसने अतिरिक्त राशि वापस करने के लिए महिला को एक बैंक खाता बताया।

खाते में रकम आए बिना कर दिए 10 हजार रुपए ट्रांसफर

महिला ने आरोपी की बात पर भरोसा कर अपने बैंक खाते से बताए गए खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब उसने अपना बैंक खाता चेक किया तो उसमें LIC की ओर से बताई गई 1,400 रुपए की राशि जमा नहीं मिली।इस पर महिला को अपने साथ साइबर ठगी होने का पता चला। उसने तत्काल कोतवाली थाने की साइबर सेल से संपर्क कर शिकायत दर्ज करवाई।

मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जांच

पुलिस अब आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और जिस बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करवाई गई, उसकी जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।साइबर सेल के सुनील धायल ने लोगों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के फोन पर LIC, बैंक या अन्य संस्था से रकम मिलने अथवा गलती से अतिरिक्त राशि आने की बात पर भरोसा न करें। खाते में वास्तव में रकम जमा हुए बिना किसी के कहने पर पैसे वापस ट्रांसफर नहीं करें। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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