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हर्निया ऑपरेशन के बाद युवक की मौत , निजी अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा

सिंघाना में युवक की मौत के बाद निजी अस्पताल के बाहर शव रखकर धरना देते परिजन और ग्रामीण

परिजनों-ग्रामीणों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जताया आक्रोश , साढ़े तीन घंटे की वार्ता के बाद आर्थिक सहायता पर बनी सहमति

सिंघाना। झुंझुनूं।अजीत जांगिड़
सिंघाना कस्बे के एक निजी अस्पताल में हर्निया के ऑपरेशन के बाद 27 वर्षीय युवक की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया। आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव को लेकर अस्पताल पहुंचे और अस्पताल परिसर के बाहर शव रखकर धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में महिला-पुरूषों की भीड़ जमा हो गई।

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सिंघाना पुलिस का जाप्ता भी मौके पर तैनात किया गया। जानकारी के अनुसार सिंघाना के वार्ड नंबर 30 निवासी राजेश नायक (27) पुत्र दानाराम को पिछले रविवार को पेट में दर्द की शिकायत के बाद उपचार के लिए निजी राज अस्पताल लाया गया था। यहां चिकित्सकों ने उसका हर्निया का ऑपरेशन किया।

परिजनों के अनुसार बुधवार को उसे अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद युवक की हालत खराब होने के बावजूद उसे करीब दो दिन तक अस्पताल में रखा गया तथा उन्हें मरीज की वास्तविक स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई। हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे वापस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उसे जयपुर रेफर कर दिया।

परिजनों के मुताबिक जयपुर ले जाते समय रास्ते में ही राजेश की मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण शव को वापस सिंघाना लेकर पहुंचे। यहां अस्पताल के बाहर शव रखकर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। धरने की सूचना पर जनप्रतिनिधि एवं अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे। पार्षद डीपी सैनी, डॉ. नरेंद्र शर्मा, महावीर ठेकेदार, लालाराम नायक, अजय नायक सहित परिजनों के प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल प्रबंधन से वार्ता की।

करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बातचीत के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर शव को वहां से उठाया। राजेश नायक अपने परिवार में इकलौता था। उसके पिता दानाराम की करीब चार वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। राजेश कलर-पेंट की मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था।

उसके परिवार में चार वर्षीय बेटी पलवी और दो वर्षीय बेटा रिषी हैं। युवक की मौत के बाद परिवार के सामने न केवल भावनात्मक संकट खड़ा हो गया, बल्कि रोजी-रोटी का भी गंभीर संकट पैदा हो गया है।मामले में परिजनों की ओर से लगाए गए इलाज में लापरवाही के आरोपों की पुलिस – प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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