प्रेगाबालिन, टेपेंटाडोल और जोपिक्लोन की बिक्री के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य; मेडिकल स्टोर्स पर संयुक्त टीमें करेंगी औचक निरीक्षण
चूरू। जिले में नशे के रूप में दुरुपयोग की जा रही कुछ दवाओं की खुली और अनियंत्रित बिक्री पर जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक सुराणा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। अब प्रेगाबालिन, टेपेंटाडोल और जोपिक्लोन घटक वाली दवाएं चिकित्सक की पर्ची के बिना नहीं बेची जा सकेंगी।
प्रशासन के अनुसार, जिले में इन दवाओं का नशे के रूप में दुरुपयोग किए जाने की सूचनाएं सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर चिकित्सकीय पर्ची के बिना इनकी बिक्री और अन्य जगहों से बड़ी मात्रा में दवाएं मंगाए जाने की जानकारी भी मिली है। प्रशासन ने इसे युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए दवाओं की बिक्री पर नियंत्रण के निर्देश दिए हैं।
बिना बिल के नहीं होगी दवाओं की बिक्री
जारी आदेश के अनुसार, प्रेगाबालिन की 75 मिलीग्राम से अधिक मात्रा वाली दवाओं का अनधिकृत क्रय-विक्रय नहीं किया जा सकेगा। इन दवाओं की बिक्री बिना बिल के भी प्रतिबंधित रहेगी।थोक विक्रेताओं को बैच नंबर सहित दैनिक स्टॉक रजिस्टर संधारित करना होगा। वहीं, खुदरा विक्रेता प्रेगाबालिन, टेपेंटाडोल और जोपिक्लोन घटक वाली दवाएं केवल चिकित्सक की मूल पर्ची पर ही बेच सकेंगे। पर्ची पर मेडिकल स्टोर की मुहर और बिक्री की तारीख अंकित करना भी अनिवार्य होगा।
मेडिकल स्टोर्स पर होगी औचक जांच
आदेश की पालना सुनिश्चित करने के लिए औषधि नियंत्रक अधिकारी, उपखंड मजिस्ट्रेट और पुलिस की संयुक्त टीमें मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण करेंगी। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।जिला प्रशासन ने दवाओं के अनधिकृत कारोबार पर अंकुश लगाने और उनके नशे के रूप में दुरुपयोग को रोकने के लिए निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।










