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Home राजस्थान झुंझुनूं एसएस मोदी विद्या विहार में जेंडर सेंसिटिविटी पर सीबीएसई की कार्यशाला हुई

एसएस मोदी विद्या विहार में जेंडर सेंसिटिविटी पर सीबीएसई की कार्यशाला हुई

एसएस मोदी विद्या विहार झुंझुनूं में जेंडर सेंसिटिविटी कार्यशाला में प्रशिक्षण लेते शिक्षक-शिक्षिकाएं

60 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने लिया प्रशिक्षण, समानता, सम्मान और समान अवसर के साथ लैंगिक पूर्वाग्रह खत्म करने पर दिया जोर

झुंझुनू।अजीत जांगिड़
शहर के गौरव पथ स्थित एसएस मोदी विद्या विहार में सीबीएसई अजमेर की ओर से ‘जेंडर सेंसिटिविटी’ विषय पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यशाला में विद्यालय सहित विभिन्न विद्यालयों के 60 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान लैंगिक समानता, समान अवसर, सम्मानपूर्ण व्यवहार और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं समावेशी विद्यालयी वातावरण तैयार करने को लेकर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में विद्यालय समन्वयक मनीष अग्रवाल, अकादमिक निदेशक रॉय सी. पॉल एवं प्राचार्य विजय मसीह ने सीबीएसई मास्टर ट्रेनर हेमा जोशी एवं सावित्री धायल का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। प्रशिक्षण के दौरान जेंडर सेंसिटिविटी के अर्थ, आवश्यकता और विद्यालयी परिवेश में इसकी भूमिका पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि जेंडर संवेदनशीलता केवल लड़के और लड़कियों के साथ समान व्यवहार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की गरिमा, सम्मान, समान अवसर और उसकी विशिष्ट पहचान को समझने से जुड़ा व्यापक दृष्टिकोण है।

लैंगिक समानता विषयक ज्ञानवर्धक सेमिनार में बताया गया कि प्रत्येक व्यक्ति को लिंग के आधार पर भेदभाव से मुक्त होकर समान अधिकार, शिक्षा और अवसर मिलना चाहिए। परिवार, विद्यालय और समाज में समानता की भावना विकसित करना सामूहिक जिम्मेदारी है। लैंगिक रूढ़ियों को समाप्त करने, बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण में समूह चर्चा, गतिविधियों, खेल, संवाद और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से शिक्षकों को जेंडर संवेदनशील वातावरण विकसित करने के तरीके बताए गए।

विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ व्यवहार, भाषा, कक्षा-कक्ष की गतिविधियों और जिम्मेदारियों के वितरण में किसी भी प्रकार के लैंगिक पूर्वाग्रह को स्थान नहीं देने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों को ऐसा सुरक्षित और समावेशी वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी भेदभाव के अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं को विकसित कर सकें। प्रारंभिक स्तर से ही विद्यार्थियों में समानता, पारस्परिक सम्मान, सहयोग, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों का विकास आवश्यक है।

कार्यशाला में शिक्षकों को बताया गया कि उनकी भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे विद्यार्थियों की सोच और व्यवहार को सकारात्मक दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संवादात्मक सत्रों में विद्यालय में जेंडर-संवेदनशील वातावरण विकसित करने, रूढ़ धारणाओं को कम करने, प्रत्येक बच्चे को समान अवसर देने और विद्यालय को अधिक समावेशी बनाने के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा हुई।

प्राचार्य विजय मसीह ने दोनों सीबीएसई रिसोर्स पर्सन का परिचय कराते हुए बताया कि हेमा जोशी सीबीएसई नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित हैं तथा विज्ञान शिक्षा, विद्यालय नेतृत्व एवं शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर चुकी हैं। सीबीएसई सर्टिफाइड रिसोर्स पर्सन एवं मास्टर ट्रेनर के रूप में उन्होंने देशभर में शिक्षकों के क्षमता निर्माण और संस्थागत गुणवत्ता सुधार से जुड़े कार्यक्रमों में योगदान दिया है। वहीं सावित्री धायल शिक्षा के क्षेत्र में 36 वर्षों के अनुभव वाली वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं गणित विषय की विशेषज्ञ हैं।

वे सीबीएसई रिसोर्स पर्सन एवं मास्टर ट्रेनर होने के साथ कवयित्री, नवाचारी शिक्षिका तथा पूर्व राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल खिलाड़ी भी रही हैं। उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। प्राचार्य विजय मसीह ने कहा कि वर्तमान समय में जेंडर संवेदनशीलता शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यालय विद्यार्थियों में केवल शैक्षणिक दक्षता ही नहीं, बल्कि समानता, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने सीबीएसई की ओर से प्रशिक्षण प्रदान करने वाली हेमा जोशी एवं सावित्री धायल तथा सभी प्रतिभागी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

समापन पर विद्यालय परिवार की ओर से दोनों रिसोर्स पर्सन हेमा जोशी एवं सावित्री धायल को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रतिभागी शिक्षकों ने कार्यशाला को विद्यालयी परिवेश में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में उपयोगी बताया। वहीं मुम्बई प्रवासी ट्रस्टी शशिकान्त मोदी, गीलुराम मोदी, सौरभ मोदी, प्रियंक मोदी एवं कनिका मोदी ने सीबीएसई की ओर से आयोजित कार्यशाला के सफल आयोजन पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

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