लाइसेंस प्रदर्शित नहीं करने से लेकर फार्मासिस्ट की गैरमौजूदगी और खरीद बिल नहीं होने तक मिलीं अनियमितताएं; बची औषधियों के निस्तारण के आदेश, फार्मासिस्ट पर कार्रवाई के लिए फार्मेसी काउंसिल को पत्र
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
औषधि विक्रय में निर्धारित नियमों और अनुज्ञापत्र की शर्तों की पालना नहीं करना तीन मेडिकल स्टोर्स को भारी पड़ गया। जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं के बाद तीन मेडिकल स्टोर्स के औषधि विक्रय लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। कार्रवाई के दायरे में श्री श्याम मेडिकल स्टोर, नरनौल बाईपास सर्किल, सिंघाना, गुंजन मेडिकल स्टोर, गुमचक्कर सीकर रोड, उदयपुरवाटी तथा बालाजी मेडिकल स्टोर, वार्ड नंबर 10, सीकर रोड, उदयपुरवाटी शामिल हैं।
सहायक औषधि नियंत्रक अनूप रावत ने बताया कि विभागीय निरीक्षण के दौरान तीनों प्रतिष्ठानों पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं संबंधित नियमों तथा औषधि अनुज्ञापत्र की शर्तों के उल्लंघन से जुड़ी विभिन्न कमियां पाई गईं। फार्मासिस्ट नहीं मिला, लाइसेंस भी प्रदर्शित नहीं था । निरीक्षण के दौरान निर्धारित स्थान पर औषधि अनुज्ञापत्र प्रदर्शित नहीं पाया गया। इसके अलावा पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति, आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं होना तथा औषधियों के क्रय संबंधी बिल प्रस्तुत नहीं करना जैसी कमियां भी सामने आईं। औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित रिकॉर्ड में भी अनियमितताएं मिलीं।
श्री श्याम मेडिकल स्टोर, सिंघाना के निरीक्षण में औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित आवश्यक दस्तावेज एवं बिल प्रस्तुत नहीं किए गए। निरीक्षण में पाई गई कुछ औषधियों के क्रय संबंधी बिल भी उपलब्ध नहीं करवाए जा सके। इसी प्रकार गुंजन मेडिकल स्टोर, उदयपुरवाटी में निर्धारित स्थान पर लाइसेंस प्रदर्शित नहीं मिला। यहां पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति के साथ औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी रिकॉर्ड में भी कमियां पाई गईं। बालाजी मेडिकल स्टोर, उदयपुरवाटी के निरीक्षण में पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति, लाइसेंस प्रदर्शित नहीं होना तथा औषधियों के क्रय संबंधी आवश्यक बिल एवं अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने की अनियमितताएं सामने आईं।निरीक्षण के दौरान मिली औषधियों के संबंध में फर्म की ओर से संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
विभाग ने संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी कर लिखित स्पष्टीकरण देने और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया। फर्मों की ओर से प्रस्तुत जवाब तथा निरीक्षण से संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद विभाग ने पाया कि औषधि व्यवसाय से जुड़े नियमों एवं अनुज्ञापत्र की शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने तीनों फर्मों के औषधि व्यवसाय संबंधी लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय लिया। लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही संबंधित दुकानों में बची हुई औषधियों का नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं संबंधित रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए राजस्थान फार्मेसी काउंसिल को पत्र लिखा गया है।
अधिकारियों को आदेश की पालना सुनिश्चित करने तथा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया कि औषधियों के विक्रय एवं भंडारण में निर्धारित नियमों और अनुज्ञापत्र की शर्तों की पालना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।













