Advertisement
Home राजस्थान झुंझुनूं झुंझुनूं में 250 विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव के तरीके बताए

झुंझुनूं में 250 विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव के तरीके बताए

झुंझुनूं के शहीद कर्नल जेपी जानू स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी देते पुलिस अधिकारी

शहीद कर्नल जेपी जानू स्कूल में 250 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के तरीकों और बचाव के उपाय बताए — ओटीपी , बैंक डिटेल व पासवर्ड साझा नहीं करने की दी हिदायत

झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखने के उद्देश्य से गुरूवार को शहीद कर्नल जेपी जानू राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, झुंझुनूं में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। साइबर सुरक्षित राजस्थान माह सितम्बर 2026 अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में साइबर पुलिस अधिकारियों ने करीब 250 छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ को साइबर ठगी के नए तौर-तरीकों से अवगत कराते हुए बचाव के उपाय बताए। कार्यक्रम महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं, राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन में आयोजित हुआ। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय झुंझुनूं देवेन्द्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन में साइबर थाना पुलिस की टीम ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में साइबर थाना झुंझुनूं के मुख्य वक्ता एएसआई ताराचंद मीना एवं असिस्टेंट प्रोग्रामर राजेन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों की जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फिशिंग लिंक, डिजिटल अरेस्ट सहित विभिन्न ऑनलाइन ठगी के तरीकों को समझाते हुए विद्यार्थियों को सावधानी बरतने की सलाह दी। अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को अलग-अलग तरीकों से झांसे में लेकर उनकी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी , बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड अथवा व्यक्तिगत दस्तावेज साझा नहीं करने की हिदायत दी गई। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय भी गोपनीयता एवं सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने पर जोर दिया गया। साइबर पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके साथ ही साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अधिकारियों ने साइबर ठगी की स्थिति में शुरूआती समय के महत्व को समझाते हुए बताया कि पहला एक घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ माना जाता है। इस दौरान तत्काल शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को रोकने या उसके ट्रांजेक्शन पर कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए घटना के बाद घबराने के बजाय तुरंत शिकायत करना जरूरी है। विद्यालय परिवार ने साइबर पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं स्टाफ को साइबर अपराधों से सजग रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का संकल्प भी दिलाया गया।

Advertisement