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नरहड़ दरगाह में उमड़ा आस्था का सैलाब, चादर चढ़ाकर बांधी मन्नत की डोरी

भादवा मेले में देशभर से पहुंचे जायरीन, सूफियाना कलाम ने बांधा समां; कौमी एकता का संदेश देता नजर आया दरगाह परिसर

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
सूफी संत हजरत हाजिब शकरबार की दरगाह में आयोजित तीन दिवसीय भादवा मेला श्रद्धा, आस्था और कौमी एकता के रंग में रंगा नजर आया। भादवा की सप्तमी, अष्टमी और नवमी को आयोजित होने वाले वार्षिक मेले में बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। मेले का समापन आज होगा। दरगाह में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने मजार पर चादर चढ़ाकर मन्नतें मांगीं और मन्नत की डोरी बांधी। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु नवजात बच्चों का झड़ूला गढ़ाने, जोड़ा चढ़ाने तथा सवामणी सहित विभिन्न धार्मिक रस्में पूरी करने के लिए भी दरगाह पहुंचे। श्रद्धालुओं की आस्था और उमंग से दरगाह परिसर में पूरे दिन रौनक बनी रही। नरहड़ दरगाह में आयोजित भादवा मेले में राजस्थान के अलावा हरियाणा, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। दरगाह में हर धर्म और समुदाय के लोग अपनी मन्नतें लेकर पहुंचते हैं। यही विशेषता नरहड़ दरगाह को कौमी एकता और भाईचारे की अनूठी मिसाल बनाती है। मेले के दौरान दरगाह परिसर में सूफियाना कलाम की प्रस्तुतियां भी हुईं। सूफी संगीत और जायरीनों की आस्था से माहौल आध्यात्मिक बना रहा। वहीं दरगाह फाउंडेशन की ओर से परिसर में कौमी एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाले पेम्पलेट एवं पोस्टर लगाए गए। मेले में आने वाले जायरीनों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन एवं पुलिस की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गईं। श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल कैंप लगाया गया। पुलिस प्रशासन की टीम ने मेले की मॉनिटरिंग करते हुए सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं को संभाला। दरगाह की व्यवस्थाओं में खादिम हाजी अजीज पठान, सदर खलील बुडाना, सचिव करीम पीरजी, रफीक पीरजी, दरगाह फाउंडेशन के निदेशक एवं खादिम शाहिद-शमीम सहित अन्य पदाधिकारी जुटे रहे। वहीं सीआई अल्का बिश्नोई के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता भी मेले के दौरान मुस्तैद रहा। नरहड़ का भादवा मेला केवल धार्मिक आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों और क्षेत्रों से आने वाले लोगों के मिलन का ऐसा अवसर भी है, जहां श्रद्धा के साथ भाईचारे और कौमी एकता का संदेश मजबूत होता दिखाई देता है।

 

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