सफाई कर्मचारी भर्ती नियमों के विरोध में प्रदर्शन, गढ़ चौराहे पर गूंजा विरोध

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वाल्मीकि विकास सेवा समिति ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 19 अगस्त के बाद आंदोलन की चेतावनी

चूरू। राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया और उससे जुड़े नियमों के विरोध में वाल्मीकि विकास सेवा समिति के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को गढ़ चौराहे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर भर्ती प्रक्रिया में विभिन्न मांगों को शामिल करने की मांग की गई।समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार की ओर से प्रदेश की 183 नगरीय निकायों में 24,752 संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती किए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया तैयार करते समय नगर निकायों के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से अस्थायी तौर पर सफाई कार्य कर रहे कर्मचारियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

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अनुभव प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता खत्म करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने सफाई कर्मचारी भर्ती में अनुभव प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने और ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई कार्य कर रहे कर्मचारियों को भी भर्ती में अवसर देने की मांग की।ज्ञापन में पांच वर्ष की संविदा व्यवस्था को समाप्त कर सीधी एवं स्थायी भर्ती किए जाने की मांग रखी गई। साथ ही यदि संविदा व्यवस्था जारी रहती है तो सफाई कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित करने तथा भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर 30 हजार करने की मांग की गई।

पारदर्शी चयन और वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता की मांग

सफाई कर्मचारियों ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए लॉटरी प्रणाली अपनाने की मांग भी रखी। इसके साथ ही परंपरागत रूप से सफाई कार्य से जुड़े वाल्मीकि समाज के सफाई कामगारों को भर्ती में प्राथमिकता देने की मांग की गई।ज्ञापन में सफाई कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर स्थायी बैठने और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने तथा उपस्थिति दर्ज करने के लिए फोटो के स्थान पर बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने की मांग भी शामिल रही।

वर्ष 2018 की भर्ती का मुद्दा भी उठाया

प्रदर्शनकारियों ने वर्ष 2018 की भर्ती में नियुक्त गैर-वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों को उनके मूल पद पर लगाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी।समिति पदाधिकारियों ने कहा कि सफाई कर्मचारियों से जुड़े इन मुद्दों का समाधान सरकार को वार्ता के माध्यम से करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन के संबंध में सरकार ने वार्ता कर मांगों का समाधान नहीं किया तो 19 अगस्त के बाद चूरू में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आगे के आंदोलन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।प्रदर्शन के दौरान यूनियन अध्यक्ष ओमप्रकाश, श्रवण हटवाल, गोरधन चांवरिया, मनोज चांवरिया, राजेश, महेन्द्र, मिथुन, पवन चांवरिया, प्रीत चांवरिया, नितिन, मार्शल हटवाल, आकाश चंदेलिया, पीयूष, मनीष, किशन, शांतिलाल, विजेन्द्र, अशोक पंवार, हरीश हटवाल, राहुल गोगडिया और जय सहित बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग मौजूद रहे।

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