चूरू में जिला कलेक्टर के माध्यम से रखी मांग, उच्च न्यायालय में अपील और फैसले के कानूनी पहलुओं की समीक्षा की मांग
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चूरू। नागौर जिले के डांगावास प्रकरण को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के निर्देश पर चूरू जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग की ओर से जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने मामले में आए न्यायिक फैसले के बाद पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आगे कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष एडवोकेट सुरेश कल्ला ने बताया कि नागौर जिले के डांगावास गांव में 14 मई 2015 को हुई घटना में छह लोगों की हत्या हुई थी। उन्होंने कहा कि मामले में करीब 11 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 40 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले से पीड़ित परिवारों और अनुसूचित जाति समाज में असंतोष है।प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट सुनील मेघवाल झारिया ने बताया कि ज्ञापन में राज्य सरकार से मामले में उच्च न्यायालय में अपील दायर करने की मांग की गई है। साथ ही सीबीआई को मामले के न्यायिक निर्णय के कानूनी पहलुओं का विस्तृत परीक्षण कर आवश्यक होने पर अपील प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित करने की मांग रखी गई।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए मामले की गंभीरता से समीक्षा आवश्यक है और सरकार को उपलब्ध कानूनी विकल्पों का प्रभावी ढंग से उपयोग करना चाहिए।ज्ञापन सौंपने के दौरान सरदारशहर देहात अध्यक्ष कालूराम मेघवाल, रतनगढ़ तहसील अध्यक्ष विद्याधर बैरवाल, सुजानगढ़ देहात अध्यक्ष राज कताला, चूरू शहर अध्यक्ष चंदन खरड़िया, सतपाल लोहसना, किसना राम, अमित कुमार, जगदीश बैरवाल, मगना राम, राजेंद्र सहित कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।













