जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग व एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने दिए कड़े निर्देश, ओवरलोडिंग, रैश ड्राइविंग व शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
ALSO FOLLOW INTERVIEWER INDIA ON FACEBOOK YOUTUBE
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से गुरूवार को जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित स्थलों पर सुधार कार्यों में तेजी लाने, ओवरलोड वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, यातायात नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराने तथा मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही विद्यालय वाहनों के सुरक्षित एवं नियमानुसार संचालन को लेकर जारी दिशा-निर्देशों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीड़ से बगड़ मार्ग पर सड़क किनारे उगी दुर्घटना का कारण बनने वाली बाधक वनस्पति को शीघ्र हटाया जाए। उन्होंने बाल वाहिनियों के सुरक्षित संचालन, शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आरएसआरडीसी और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े लिंक मार्गों पर आवश्यकता अनुसार स्पीड ब्रेकर बनाने, सड़क पर बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कर यातायात को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के निर्देश भी दिए। बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा संबंधी निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने, आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसपी ने विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने, ओवरस्पीड और रैश ड्राइविंग पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा नवलगढ़ से ओजटू बाईपास मार्ग होते हुए चिड़ावा तक बने अवैध कटों को बंद कराने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित सड़क सुरक्षा कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति ने कई महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार करते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक निर्णय लिए तथा सभी विभागों को तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिले में सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभाग समन्वित रूप से अभियान चलाएंगे।












