‘गलत नीतियों से लाखों किसान बीमा सुरक्षा से वंचित’ सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने सरकार को घेरा, बोले—प्रीमियम भरने के बाद भी नहीं मिल रहा पूरा क्लेम; सभी पात्र किसानों को योजना से जोड़ने की मांग
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झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
झुंझुनूं के सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने गुरूवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन, कम बीमा कवरेज और किसानों को बीमा दावों के भुगतान में आ रही समस्याओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। अतारांकित प्रश्न के माध्यम से उन्होंने केंद्र सरकार से योजना की खामियों पर जवाब मांगा और कहा कि मौजूदा नीतियों के कारण देश के लाखों किसान आज भी फसल बीमा सुरक्षा से वंचित हैं। सांसद ओला ने कहा कि बड़ी संख्या में किसान निर्धारित प्रीमियम जमा कराने के बावजूद बीमा क्लेम से वंचित रह जाते हैं, जबकि कई मामलों में किसानों को उनकी वास्तविक क्षति की तुलना में बेहद कम क्लेम राशि दी जाती है। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताते हुए योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार के जवाब से यह स्पष्ट हुआ है कि वर्ष 2025-26 में राजस्थान के कुल सकल फसल क्षेत्र का केवल 36 प्रतिशत, जबकि झुंझुनूं जिले के मात्र 42 प्रतिशत कृषि क्षेत्र को ही फसल बीमा का लाभ मिल सका है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसान प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और सूखे जैसी परिस्थितियों में आर्थिक नुकसान अकेले झेलने को मजबूर हैं। सांसद ने कहा कि सरकार ने यह स्वीकार किया है कि तकनीकी कारणों से किसानों के बीमा आवेदन निरस्त हो जाते हैं, लेकिन ऐसे निरस्त आवेदनों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई। उनका कहना था कि यदि पात्र किसान केवल तकनीकी या प्रक्रियागत खामियों के कारण योजना से बाहर हो रहे हैं तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता है और इसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है।
बृजेंद्र सिंह ओला ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों द्वारा संचालित वैकल्पिक फसल बीमा योजनाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं कराती। इससे राज्यों के लिए स्थानीय परिस्थितियों और किसानों की जरूरतों के अनुरूप अधिक प्रभावी फसल बीमा मॉडल विकसित करना कठिन हो जाता है। लोकसभा में सांसद ओला ने केंद्र सरकार से मांग की कि सभी पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में शामिल किया जाए, तकनीकी कारणों से आवेदन निरस्त होने की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, बीमा दावों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा राज्यों को बेहतर फसल बीमा योजनाएं लागू करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की आय और कृषि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फसल बीमा योजना को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को वास्तविक राहत मिल सके।












