आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी को सौंपा ज्ञापन

एफआईआर दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप, निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग

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हनुमानगढ़।हिमांशु मिढ्ढा
एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप लगाते हुए करतारपुर कॉलोनी निवासी सिमरनजीत पत्नी आत्मा सिंह ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भेजकर मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि हनुमानगढ़ टाउन थाना में दर्ज एफआईआर संख्या 436/2026 में नामजद आरोपियों के विरुद्ध अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जबकि दूसरी ओर आरोपियों की ओर से बाद में दर्ज कराए गए मुकदमे में उनके पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया।ज्ञापन के अनुसार 11 मई 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे प्रार्थी के पुत्र हैप्पी को कथित रूप से एक नाबालिग लड़की के माध्यम से फोन कर कोहला स्थित आशीर्वाद पैलेस के सामने सरकारी स्कूल के पास बुलाया गया। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद बबलू खान, रिजवान पुत्र बबलू खान, आमिन, हसना सहित अन्य लोगों ने कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की तथा जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला कर दिया, जिससे हैप्पी गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे राहुल के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।प्रार्थी का कहना है कि घायल अवस्था में उसका पुत्र किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकला और अस्पताल में उपचार कराया। उपचार संबंधी दस्तावेज भी ज्ञापन के साथ संलग्न किए गए हैं। आरोप है कि प्रारंभ में पुलिस थाने में शिकायत देने के बावजूद मामला दर्ज नहीं किया गया, जिसके बाद इस्तगासे के माध्यम से न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज करवाई गई। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के पांच दिन बाद आरोपियों ने बचाव के उद्देश्य से हैप्पी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया, जिसमें पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मूल प्रकरण में नामजद आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई है।सिमरनजीत ने जिला पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि एफआईआर संख्या 436/2026 में दर्ज धाराओं के तहत नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए जाएं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कानून सभी पक्षों के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए।

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