रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जताया रोष, स्थानांतरण नीति में बदलाव और आदेश वापस लेने की उठाई मांग
चूरू। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के बैनर तले शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर शिक्षकों ने स्थानांतरण आदेशों के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने इंद्रमणि पार्क से संयुक्त निदेशक कार्यालय तक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान संयुक्त निदेशक कार्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शनकारी शिक्षकों और पुलिस के बीच कुछ देर तक आमने-सामने की स्थिति बनी रही। बाद में शिक्षक सड़क पर बैठकर धरने पर बैठ गए।राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेश उपाध्यक्ष भंवरलाल कस्वां ने आरोप लगाया कि नए शैक्षणिक सत्र और नामांकन अभियान के बीच बड़ी संख्या में शिक्षकों के तबादले किए गए हैं, जिससे विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।उन्होंने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया में मानवीय पहलुओं की अनदेखी की गई है। संगठन के अनुसार असाध्य रोग से पीड़ित, विधवा, दिव्यांग और बेहतर कार्य करने वाले कई शिक्षकों का भी दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानांतरण कर दिया गया है। इससे प्रदेश के अनेक विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलन बिगड़ गया है और कई स्कूलों के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।शिक्षक संगठन ने सरकार से विवादित स्थानांतरण आदेशों को वापस लेने तथा सभी संवर्गों के लिए पारदर्शी एवं स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 25 अगस्त को बीकानेर स्थित शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। चूरू जिलामुख्यालय पर शुक्रवार को राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के बैनर तले शिक्षकों ने तबादलों के विरोध में प्रदर्शन किया। इंद्रमणि पार्क से संयुक्त निदेशक कार्यालय तक रैली निकालकर शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा शिक्षा मंत्री का पुतला फूंककर रोष जताया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी शिक्षक उपनिदेशक कार्यालय के मुख्य द्वार पर आमने-सामने हो गए। बाद में शिक्षक सड़क पर बैठकर धरने पर बैठ गए। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेश उपाध्यक्ष भंवरलाल कस्वां ने शाम 4 बजे करीब आरोप लगाया गया कि सत्र की शुरुआत और नामांकन अभियान के बीच हजारों शिक्षकों के तबादले कर शैक्षिक व्यवस्था को प्रभावित किया गया है। संगठन का कहना है कि स्थानांतरण में मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी करते हुए असाध्य रोग से पीड़ित, विधवा, दिव्यांग तथा बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को भी दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा गया है। इससे प्रदेशभर के स्कूलों में शिक्षकों का असंतुलन पैदा हो गया है और कई विद्यालय केवल तृतीय श्रेणी शिक्षकों के भरोसे संचालित होंगे, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित होगी।शिक्षक संगठन ने सरकार से विवादित स्थानांतरण आदेश निरस्त करने तथा सभी संवर्गों के लिए स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की। चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो 25 अगस्त को बीकानेर स्थित शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा।














