तनाव पर नियंत्रण और नशे से दूरी ही सफलता की कुंजी : डॉ. थालौर

नशामुक्त भारत अभियान के तहत एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में कार्यशाला, छात्राओं को दिए मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति के टिप्स

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बुधवार को राजकीय बीडीके अस्पताल स्थित एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में तनाव प्रबंधन, पियर प्रेशर एवं नशे से बचाव विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला कलक्टर डॉ. अरूण गर्ग के निर्देशानुसार तथा पीएमओ डॉ. जितेंद्र भांबू के निर्देशन में किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ट मनोचिकित्सक डॉ. कपूर थालौर ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में युवाओं के सामने अनेक चुनौतियां हैं, लेकिन सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और संतुलित जीवनशैली अपनाकर तनाव पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से मजबूत व्यक्ति न केवल चुनौतियों का बेहतर सामना करता है, बल्कि नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से भी स्वयं को दूर रख सकता है। डॉ. थालौर ने प्रशिक्षणार्थी छात्राओं को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए बताया कि साथियों के दबाव (पियर प्रेशर) के कारण कई युवा नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं। उन्होंने छात्राओं को ऐसे दबावों से बचने, सही निर्णय लेने और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली, नियमित दिनचर्या, सकारात्मक मित्र मंडली और परिवार के साथ संवाद बनाए रखने से तनाव कम होता है तथा नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सकता है। कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने भी विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्राचार्य मंजू सैनी, काउंसलर डॉ. मुकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी को जागरूक रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करने का संदेश दिया गया।