राजकीय महिला महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण विषयक संगोष्ठी आयोजित, छात्राओं ने लिया हरित भविष्य निर्माण का संकल्प
झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और युवाओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से सेठ नेतराम मघराज टीबड़ेवाला राजकीय महिला महाविद्यालय, झुंझुनूं में गुरूवार को “पर्यावरण संरक्षण” विषय पर एक प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने पर्यावरणीय चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता एवं पर्यावरण प्रचारक तथा पर्यावरण कथावाचक श्री अशोक जी ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि पर्यावरण असंतुलित होगा तो मानव अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने छात्राओं का आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के संदेश को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाकर जागरूकता की अलख जगाएं। पर्यावरण प्रांत प्रचारक श्री घनश्याम जी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और प्लास्टिक कचरे ने पर्यावरण के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाने और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूर्णतः बंद करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। जिला पर्यावरण संयोजक श्री विजय कुमार डारा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन, जल संकट और जैव विविधता में कमी जैसी समस्याएं आज वैश्विक चिंता का विषय हैं। इन चुनौतियों का समाधान सामूहिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से ही संभव है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रामकुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने छात्राओं से पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. प्रीतम सिंह ने किया। इस अवसर पर महेश कालावत (सीओ स्काउट), श्री राजेन्द्र (विभाग संयोजक), विक्रम बुडानिया (शिक्षण संस्था प्रमुख), डॉ. रघुराज सिंगोदिया, डॉ. रोहिताश कुमार, डॉ. संजीव कुमार, सुनीता कुमारी, कल्पना सहित महाविद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। संगोष्ठी के उपरांत महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अतिथियों, प्राध्यापकों और छात्राओं ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और हरित भविष्य के निर्माण के संदेश के साथ हुआ।










