बंधक बनाकर की मारपीट, धमकाकर करवाए जमीन के एग्रीमेंट, 22 लाख रूपये छीनने का आरोप
गोठड़ा । झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
गोठड़ा थाना पुलिस ने जमीन विवाद से जुड़े एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट और धमकाकर जमीन के इकरारनामे करवाने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर एक कॉलोनाइजर का कथित रूप से बंदूक की नोक पर अपहरण कर उसे फार्म हाउस में बंधक बनाने, मारपीट करने और करोड़ों रूपये की संपत्तियों से जुड़े एग्रीमेंट जबरन करवाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार सीकर जिले के मालाकाली निवासी दोलतराम बिजारणिया ने 9 जून को गोठड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि वह आवासीय कॉलोनियां विकसित करने का कार्य करता है। 7 जून को झाझड़ क्षेत्र में एक जमीन के संबंध में बातचीत के दौरान भंवर सिंह धीवा और उसके साथियों ने उसे कथित रूप से बंदूक की नोक पर अगवा कर अपने फार्म हाउस ले गए। वहां उसे बंधक बनाकर मारपीट की गई, अपमानजनक व्यवहार किया गया तथा अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का प्रयास किया गया। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने दबाव बनाकर उसकी विभिन्न संपत्तियों से संबंधित तीन इकरारनामों पर हस्ताक्षर और अंगूठा निशानी करवाकर नोटरी कराई। साथ ही उससे 22 लाख रूपये भी छीन लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत तथा वृताधिकारी नवलगढ़ सुगन सिंह के सुपरविजन में गोठड़ा थानाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में नामजद एवं अन्य संदिग्ध आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने भंवर सिंह, कालूराम, होशियार सिंह उर्फ फौजी, योगेश कुमार और सुनील कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अनुसंधान में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर पांचों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में भंवर सिंह (60) निवासी टोडपुरा, थाना गोठड़ा , कालूराम (43) निवासी भगवानपुरा, टोडपुरा, थाना गोठड़ा , होशियार सिंह उर्फ फौजी (35) निवासी धीवा की ढ़ाणी, टोडपुरा , योगेश कुमार (29) निवासी नवलड़ी, थाना नवलगढ़ और सुनील कुमार (38) निवासी कालीरावणा की ढाणी, गोठड़ा शामिल हैं । वहीं उपनिरीक्षक जयप्रकाश सिंह, मुख्य आरक्षक मुकेश एवं कांस्टेबल मुकेश ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है तथा अन्य संभावित तथ्यों और आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।










