कथा के तीसरे दिन ध्रुव चरित्र सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, कृष्णमय माहौल में गूंजे भजन-कीर्तन
चूरू। स्थानीय श्रीराम मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव में शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान की कथा का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।वृंदावन धाम से पधारे कथाव्यास हरीश ठाकुर महाराज ने करदम-देवहूति चरित्र, भगवान कपिल के अवतार तथा भक्त ध्रुव की प्रेरणादायक कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा, दृढ़ संकल्प और अटूट भक्ति के बल पर मनुष्य जीवन की बड़ी से बड़ी कठिनाइयों को भी पार कर सकता है। ध्रुव चरित्र आत्मविश्वास, तपस्या और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण का संदेश देता है।भक्त ध्रुव की कठोर तपस्या और भगवान के प्रति उनकी अटूट निष्ठा के प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संकीर्तन से पूरा वातावरण कृष्णमय हो उठा तथा श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।कथा में मातृशक्ति की विशेष सहभागिता रही। महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठजनों ने पूरे मनोयोग और श्रद्धा के साथ कथा श्रवण किया। कथा स्थल पर दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा।आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शनिवार को कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर विशेष झांकियां, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक श्री राम मंदिर में आयोजित हो रहा है तथा श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की गई है।












