जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा एवं पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने महिला अधिकारिता कार्यालय में कन्या वाटिका में पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, सखी केंद्र का किया निरीक्षण, साथिनों से हुए रूबरू, महिला अधिकारिता कार्यों को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश, एसपी ने कहा – महिला सुरक्षा और अधिकारों के बारे में बढ़ाएं जागरूकता गतिविधियां
चूरू। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा एवं पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर महिला अधिकारिता विभाग परिसर स्थित कन्या वाटिका में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दोहराते हुए पर्यावरण संरक्षण के अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।सहायक निदेशक राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि कन्या वाटिका में नक्षत्रों के आधार पर 27 प्रकार के पौधे लगाए गए हैं। इस दौरान एसजेईडी डीडी सत्येंद्रपाल वीर, एपीआरओ मनीष कुमार, सुपरवाइजर कृष्णा, प्रीति, कृति, रामसिंह, हेमंत, भूपेंद्र, संजू, अंकिता, कृष्णा, सुमन सहित साथिन एवं महिला अधिकारिता स्टाफ उपस्थित रहा।
सखी केंद्र का किया निरीक्षण
इसके पश्चात जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सखी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र पर उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, काउंसलिंग, कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग, चिकित्सा सुविधा, मनोसामाजिक परामर्श, अस्थायी आश्रय एवं पुनर्वास आदि व्यवस्थाओं तथा महिला सुरक्षा व सहायता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की और केंद्र पर आने वाली महिलाओं को त्वरित, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
केंद्र प्रबंधक नीरज और काउंसलर पूनम ने व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
बैठक में दिए निर्देश
निरीक्षण के बाद कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा तथा एसपी निश्चय प्रसाद एम ने महिला अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।इस अवसर पर जिला कलक्टर ने साथिनों से कहा कि महिला सुरक्षा और अधिकारों के बारे में जागरूकता गतिविधियां बढ़ाएं। साथिन ग्राम स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आमजन को जागरूक कर पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।उन्होंने कहा कि साथिन अपने-अपने क्षेत्र में योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें, लोगों से फीडबैक लें तथा समस्याओं की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया कि साथिनें सरकार और स्थानीय स्तर पर महिलाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथिनों से एक-दूसरे की सहायता करते हुए टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने महिला सुरक्षा, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, नशामुक्ति अभियान तथा लाडो प्रोत्साहन योजना की फील्ड स्तर पर बेहतरीन क्रियान्विति की बात कही। एसपी निश्चय प्रसाद एम ने कहा कि साथिन गांवों में बच्चों एवं किशोरियों से संवेदनशील संवाद स्थापित करते हुए उन्हें गुड टच और बैड टच की जानकारी देने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत सहायता लेने के लिए जागरूक करें। इसी के साथ स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में आपातकालीन सहायता सेवाओं, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 के बारे में जानकारी दी जाए।उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को उनके अधिकारों और महिला सुरक्षा गतिविधियों के बारे में जागरूक कर आत्मविश्वास बढ़ाएं। इसी के साथ छोटे-छोटे विवादों का स्थानीय स्तर पर आपसी संवाद एवं समझाइश के माध्यम से समाधान कराने का प्रयास करें तथा गंभीर मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।उन्होंने साथिनों से पुलिस से संवाद बनाए रखने, आवश्यकता होने पर तत्काल पुलिस सहायता लेने तथा पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने, राजकॉप ऐप के उपयोग, शिकायतों के पंजीकरण तथा पुलिस सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।सहायक निदेशक राजेंद्र सिंह शेखावत ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी।बैठक में शिक्षा सेतु योजना, जाजम बैठक, महिला सुरक्षा गतिविधियां, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा साथिनों की भूमिका, दायित्व एवं क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की गई।
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