फर्जी शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार

दुल्हन बनकर घर पहुंची महिला अगले ही दिन जेवरात व नकदी लेकर हुई फरार, पुलिस ने बरामद किए ठगी के रूपये

सुलताना । झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिले के सुलताना थाना पुलिस ने विवाह करवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी कर हड़पे गए रूपये भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से ऐसे संगठित ठगी गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेन्द्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन तथा वृताधिकारी चिड़ावा विकास धींधवाल के सुपरविजन में थानाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, किठाना निवासी सत्यवीर जाट ने 2 जून 2026 को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसकी पहचान घरडाना खुर्द निवासी अशोक कुमार से थी। अशोक कुमार ने उसके पुत्र की शादी करवाने का भरोसा दिलाया और इसके एवज में रूपये लिए। तय योजना के अनुसार 4 अप्रैल 2026 को एक महिला दुल्हन बनकर घर पहुंची, लेकिन अगले ही दिन वह घर में रखे जेवरात और 10 हजार रूपये लेकर फरार हो गई। बाद में पता चला कि पूरा मामला सुनियोजित धोखाधड़ी का था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और लगातार निगरानी के आधार पर पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर ठगी की रकम भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तार आरोपी में किशनलाल पुत्र डालूराम तीरगर (36 वर्ष) निवासी बिरोटी, थाना पानरवा, जिला उदयपुर तथा अशोक पुत्र महेश कुमार जाट (30 वर्ष) निवासी घरडाना खुर्द, थाना सिंघाना, जिला झुंझुनूं शामिल हैं । वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों और गिरोह के नेटवर्क के संबंध में भी जांच जारी है। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है।कार्रवाई में पुलिस टीम में थानाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में अनिल कुमार (सहायक उपनिरीक्षक), स्नेह कुमार, धीरेन्द्र सिंह, दिनेश कुमार एवं प्रकाश कुमार सहित पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित पक्ष को राहत मिली और ठगी के मामले का शीघ्र खुलासा संभव हो सका।