दो माह से ठप पेयजल आपूर्ति, ग्रामीणों में रोष: सीपीएम ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

मलसीसर I झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
क्षेत्र की गोखरी और भूदा का बास पंचायतों में गहराए पेयजल संकट को लेकर गुरूवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने उपखंड अधिकारी मलसीसर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। सीपीएम तहसील सचिव महिपाल पुनिया ने बताया कि गोखरी एवं भूदा का बास पंचायत क्षेत्र के गांवों में पिछले करीब दो माह से बुगी राजगढ़ से पाइपलाइन के माध्यम से होने वाली पेयजल आपूर्ति बाधित है। पानी की नियमित सप्लाई नहीं होने से हजारों ग्रामीणों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के दौर में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं, जिससे लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित गांवों में उपलब्ध भूजल अत्यधिक खारा है, जिसके कारण वह पीने योग्य नहीं है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को मजबूरन निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है। इससे आमजन की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ग्रामीण परिवारों के लिए प्रतिदिन महंगे दामों पर पानी खरीदना मुश्किल होता जा रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। महिपाल पुनिया ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित गांवों में तत्काल पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए तथा जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत नहीं मिली तो गोखरी और भूदा का बास पंचायतों के लोग सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर किसान सभा तहसील अध्यक्ष देवकीनंदन बसेरा, हरिसिंह महला, अरविंद गढ़वाल, करणीराम रेपसवाल, इकबाल खान, दीपक सामरिया, नयूम, शुभकरण, भगवान सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।