झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिले में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में संचालित ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ के तहत गुरूवार को उदयपुरवाटी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मंडावरा में जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम की अध्यक्षता सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव डॉ. नवीन जैन ने की। इस अवसर पर जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर, मुख्य वन संरक्षक सी.आर. मीणा, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरूआत महिलाओं द्वारा निकाली गई पारंपरिक कलश यात्रा से हुई। इसके बाद अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा जल संरक्षण के लिए निर्मित की जा रही एनिकट संरचना का अवलोकन कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस अवसर पर प्रभारी सचिव डॉ. नवीन जैन ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसमें प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना और उनकी देखभाल करना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने जल संग्रहण और भूजल पुनर्भरण को समान रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से जल संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने कहा कि प्रकृति हमें ऑक्सीजन, सूर्य का प्रकाश और जल जैसी अमूल्य धरोहरें नि:शुल्क प्रदान करती है। ऐसे में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन-जन का अभियान है, जिसे व्यापक जनभागीदारी से सफल बनाया जा सकता है। पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण के लिए अभूतपूर्व प्रयास कर रही है। उन्होंने मातृशक्ति को जल संरक्षण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि पानी की समस्या से सबसे अधिक महिलाएं प्रभावित होती हैं, इसलिए उनकी भागीदारी अभियान की सफलता की कुंजी है। उन्होंने प्रेरक शब्दों में कहा, “बहते पानी को रूकना सिखाओ, चलते पानी को रेंगना सिखाओ, रेंगते पानी को ठहराना सिखाओ, जब जल ठहरेगा तभी भूमि में जाएगा और भूजल स्तर बढ़ेगा।” कार्यक्रम के अंत में प्रभारी सचिव डॉ. नवीन जैन ने उपस्थित जनसमूह को जल बचाने एवं जल संरक्षण के प्रति सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई।इस दौरान जिला परिषद सीईओ पुरुषोत्तम धानका, एसीईओ रामनिवास चौधरी, उदयपुरवाटी एसडीएम सुमन सोनल, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा, पीएचईडी एसई राजपाल सिंह, एवीवीएनएल एसई महेश टीबड़ा, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक देवेंद्र चौधरी, एसीएफ हरेंद्र भाखर, जिला जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु सिंह, जिला उद्योग केन्द्र महाप्रबंधक अभिषेक चोबदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश देते इस कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्र में जल बचाने की दिशा में जनजागरण का नया उत्साह पैदा किया।












