“लेडी विद द लैंप” को नमन: नोरंगराम दयानंद ढूकिया नर्सिंग कॉलेज में उत्साह से मनाया इंटरनेशनल नर्सेज डे

झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
नोरंगराम दयानंद ढूकिया नर्सिंग कॉलेज में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय नर्सेज डे (फ्लोरेंस नाइटिंगेल जयंती) गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में नर्सिंग सेवा के महत्व, मानवता के प्रति समर्पण और स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की अहम भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं नर्सिंग एंथम के साथ हुआ। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में “लेडी विद द लैंप” के नाम से प्रसिद्ध फ्लोरेंस नाइटिंगेल के सेवा, त्याग और समर्पण को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संस्थान सचिव डॉ. संदीप ढूकिया ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ होती हैं। मरीजों की देखभाल, दवाइयों के प्रबंधन एवं आपातकालीन परिस्थितियों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहती है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल नर्सेज डे का उद्देश्य नर्सों के योगदान को सम्मान देना तथा समाज को उनके महत्व के प्रति जागरूक करना है। नर्सों के बिना स्वास्थ्य सेवाएं अधूरी हैं। संस्थान अध्यक्ष डॉ. सुनीता ढूकिया ने कहा कि कैंडल लाइट सेरेमनी, नर्सिंग प्रतिज्ञा एवं नर्सेज एंथम जैसे कार्यक्रम नर्सिंग मूल्यों को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मानव सेवा को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का आह्वान किया। प्राचार्य विवेक त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष नर्सिंग डे एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है, जो नर्सों की चुनौतियों और स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी भूमिका को दर्शाती है। वर्ष 2026 की थीम “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य — सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं” रखी गई है। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ को कैंडल जलाकर सेवा और समर्पण की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के अंत में स्टाफ एवं नर्सिंग विद्यार्थियों ने केक काटकर खुशियां साझा कीं तथा छात्र-छात्राओं को मिठाई वितरित की गई। समारोह में पूरे कॉलेज परिसर में सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश गूंजता रहा।