विदेशों तक जाएंगे चूरू की महिलाओं के बनाए उत्पाद

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जिला कलक्टर संदेश नायक के मुख्य आतिथ्य में हुई राजीविका की क्षमता संवर्धन एवं मोटीवेशनल कार्यशाला, जिला कलक्टर ने कहा- क्वालिटी और मार्केटिंग स्ट्रेटर्जी पर ध्यान दें महिला स्वयं सहायता समूह, महिलाओं ने सुनाई अपनी सफलता की कहानियां

चूरू। जिला कलक्टर संदेश नायक की प्रेरणा से जिले में राजीविका महिला स्वयं सहायता समूहों का काम अब परवान चढ़ रहा है। इन महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद अब देश से बाहर भी एक्सपोर्ट किए जा सकें, इस तरह की योजना पर काम हो रहा है।
मंगलवार को सरदारशहर के बाल मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय सभागार में जिला कलक्टर संदेश नायक के मुख्य आतिथ्य में हुई महिला क्षमता संवर्धन एवं मोटिवेशनल कार्यशाला में यह बात प्रमुख रूप से उभरी। कार्यशाला में भारी संख्या में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर नायक ने कहा कि महिलाओं को अपने श्रम, समय व क्षमताओं का समुचित उपयोग करते हुए अपनी आजीविका बढानी चाहिए तथा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या एक चुनौती के तौर पर सामने आती है लेकिन यही आबादी यदि स्किल्ड हो तो यह हमारी ताकत बन जाएगी और हम अधिक ताकतवर देश के तौर पर उभरेंगे। उन्होंने कहा कि जिले में राजीविका के प्रोत्साहन के लिए कलक्ट्रेट जैसी जगह पर प्रोडक्ट कॉर्नर चल रहा है। मिड डे मिल में इन समूहों द्वारा तैयार मसाले का उपयोग करने के लिए कहा गया है। जरूरत इस बात की है कि प्रशासनिक और सरकारी प्रोत्साहन के साथ-साथ ये महिलाएं अपने उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को लेकर और अधिक मेहनत करें तथा समुचित मार्केटिंग स्ट्रेटर्जी के साथ काम करते हुए इतिहास रचें। उन्होंने कहा कि चूरू के लोगों ने दुनियाभर में अपनी मेहनत, व्यावसायिक क्षमता व उद्यमिता के दम पर अपनी पहचान बनाई है। आज महिलाएं भी समूहों के रूप में अच्छा काम कर रही हैं लेकिन बेहतर की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है तथा वे अधिक क्षमता व ऊर्जा के साथ काम कर इतिहास रच सकती हैं।
अध्यक्षता करते हुए एसीईओ डॉ नरेंद्र चौधरी ने कहा कि कस्तूरबा कैंटीन समेत राजीविका अंतर्गत जिले में किए जा रहे नवाचारों ने राष्ट्रीय स्तर पर चूरू को पहचान दी है। गीतादेवी शिवप्रसाद सराफ चेरिटेबल ट्रस्ट के बृजमोहन सराफ ने बताया कि वे महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण के लिए प्रशिक्षण सहित विभिन्न सहयोग के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हैंडीक्राफ्ट उत्पादों के लिए महिलाओं को कच्चा माल उपलब्ध कराकर तैयार प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करने में सहयोग कर सकते हैं।
कार्यशाला के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए राजीविका के डीपीएम बजरंग लाल सैनी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ गरीबी दूर करना, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा सामाजिक समस्याओं से लड़ने में सक्षम बनाना ही इस कार्यशाला का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने पर बैंकों से ऋण लेने में आसानी होगी, बचत होने पर मूलधन बढ़ेगा तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे समूह के माध्यम से मिलेगा। सहायक कृषि निदेशक कुलदीप शर्मा, उद्योग महाप्रबंधक योगेश शर्मा, कृषि वैज्ञानिक डॉ. रमन जोधा, संजय प्रजापत, उद्यमी शांतिलाल नाथोलिया, उमरदीन सैयद, रामदयाल विश्नोई आदि ने भी विचार व्यक्त करते हुए महिलाओं के सशक्तीकरण का आह्वान किया।
इस दौरान सहायक निदेशक (जनसम्पर्क) कुमार अजय, एसडीएम रीना छींपा, कृषि उपनिदेशक दीपक कपिला, अभयशील सोनी, तहसीलदार कुटेन्द्र कंवर, देवकरण जोशी, बीआरकेजीबी शाखा प्रबंधक शिवकुमार शर्मा आदि भी मौजूद रहे। इस दौरान जिला कलक्टर संदेश नायक ने बीआरकेजीबी की ओर से महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण के चैक वितरित किए तथा सराफ ट्रस्ट की ओर से जिला कलक्टर संदेश नायक की प्रेरणा से जिले में चल रहे ‘नो सिंगल यूज प्लास्टिक’ अभियान के तहत सरकारी दफ्तरों के लिए कांच की बोतलें भेंट की गईं। संचालन शिवानी ने किया।विभिन्न व्यवसायों, ऑनलाइन मार्केटिंग की दी जानकारी
कार्यशाला के दौरान महिलाओं को क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार विभिन्न संभावनाओं वाले व्यवसायों, ऑनलाइन मार्केटिंग की जानकारी दी गई। उद्यमी बृजमोहन सराफ ने हैंडीक्राफ्ट व्यवसाय की संभावनाओं से अवगत कराया। शांतिलाल नाथोलिया ने पापड़-बड़ी उद्योग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सरदारशहर के इन उत्पादों की इतनी मांग है कि उनके द्वारा पूर्ति किया जाना ही बड़ा मुश्किल काम है। बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस कार्य से अपनी आय बढाई है। उमरदीन ने बूंदी-बंधेज के काम के बारे में बताया। संजय प्रजापत ने जिला कलक्टर के नवाचारों की सराहना की और सराफ ट्रस्ट की ओर से विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कांच की बोतलें उपलब्ध कराने की बात कही। बड़ौदा स्वरोजगार संस्थान के रामदयाल विश्नोई ने विभिन्न प्रशिक्षणों पर चर्चा की

महिलाओं ने साझा किया कामयाबी का सफर
कार्यशाला में विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपनी सफलता का सफर साझा किया। घड़सीसर की कृषि सखी राजूदेवी ने बताया कि राजीविका के मसाला उद्योग ने उसे बड़ा सम्मान दिलाया। वह बेहद गरीब परिवार की महिला थी लेकिन इस काम से उसे हवाई जहाज में सफर करने का अवसर मिला। रतनगढ़ की मंजू ने बताया कि राजीविका समूह के माध्यम से किए गए बकरीपालन से उसकी आजीविका में काफी इजाफा हुआ है। तारानगर की शरबती ने बताया कि समूह के जरिए वह आयपरक गतिविधि से जुड़ी और उसे काफी फायदा हुआ है।

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