‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत जुटेंगे हजारों कार्यकर्ता; केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस पर लगाए अराजकता फैलाने और झूठा नैरेटिव गढ़ने के आरोप
बीकानेर। साहिल पठान
भारतीय जनता पार्टी की ओर से देशभर में चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत बीकानेर में 2 नवंबर को विशाल रैली और पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान की जानकारी देते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने और देश में अराजकता का माहौल बनाने के प्रयास करने के आरोप लगाए।
वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
मेघवाल ने कहा कि पिछले दो-चार महीनों से विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, वोट चोरी के मुद्दे पर आंदोलन कर रही है। उन्होंने बताया कि मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से मिलने की बात कही थी और करीब 300 लोगों के साथ पहुंचने की बात कही गई थी। उनके अनुसार, निर्वाचन आयोग ने प्रतिनिधिमंडल के लिए पांच, दस, पंद्रह या बीस लोगों के नाम देने को कहा, लेकिन कांग्रेस सभी लोगों से मुलाकात कराने की मांग पर अड़ी रही। मेघवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने प्रतिनिधिमंडल की सूची तैयार की थी, जिसमें कुछ पूर्व सांसद भी शामिल थे, लेकिन निर्वाचन आयोग को सूची उपलब्ध नहीं करवाई गई। इसके बाद राहुल गांधी और कांग्रेस के कुछ नेता आकाशवाणी परिसर में जाकर बैठ गए।
राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट का भी किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके बाद कांग्रेस ने संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में मुलाकात की मांग की। राष्ट्रपति भवन से पत्राचार के बाद दस लोगों को मिलने के लिए बुलाया गया। मेघवाल के अनुसार, राष्ट्रपति ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से वोट चोरी के आरोपों के प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इसके बावजूद इस मुद्दे को दूसरी दिशा देने और कथित तौर पर भ्रामक नैरेटिव तैयार करने में लगी रही।मेघवाल ने कहा कि कांग्रेस की ओर से सुप्रीम कोर्ट को घेरने की बात भी कही गई। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के समक्ष अपनी बात रखने का निर्धारित तरीका याचिका दाखिल करना है।
दिल्ली रैली की तारीख पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कार्यक्रम पर मेघवाल ने कहा कि दीपावली के समय को देखते हुए कुछ व्यापारी कार्यक्रम की तारीख बदलने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनके कारोबार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि सिख संगठनों ने भी 1 नवंबर की तारीख को संवेदनशील बताते हुए कार्यक्रम आगे बढ़ाने की मांग की है। मेघवाल ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि 31 अक्टूबर 1984 के बाद 1 नवंबर को दिल्ली में हुई हिंसा में अनेक सिखों की जान गई थी। ऐसे में तारीख की संवेदनशीलता को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
‘लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव’
मेघवाल ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के तीन प्रमुख पहलू हैं—राहुल गांधी की ओर से कथित जिद, तथ्यों के अभाव में बार-बार आरोप लगाना और अराजकता एवं अशांति फैलाना। उन्होंने कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे ‘रिजीम चेंज’ के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का संवैधानिक रास्ता चुनाव है। संविधान के तहत लोकसभा और विधानसभा चुनावों के साथ नगर निकायों तथा पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव भी कराए जाते हैं।
मेघवाल के अनुसार, राजनीतिक विरोध निर्धारित संवैधानिक व्यवस्था के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग से जुड़े मामलों में भी संविधान और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही कार्रवाई हो सकती है। भाजपा का अभियान लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता को समाप्त करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
एसआईआर को लेकर कांग्रेस पर उठाए सवाल
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस के सवालों पर मेघवाल ने कहा कि पार्टी के भीतर ही इस मुद्दे पर विरोधाभास दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि केरल के कांग्रेस नेताओं, जिनमें शशि थरूर सहित कुछ प्रमुख नेता शामिल हैं, की ओर से एसआईआर को लेकर अलग-अलग टिप्पणियां की गई हैं।मेघवाल ने सवाल उठाया कि यदि एसआईआर की प्रक्रिया गलत है तो कांग्रेस आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में सत्ता में कैसे आई। उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस के रुख को लेकर सवाल खड़े किए।
वायरल फोटो और पेंटिंग्स की प्रदर्शनी पर भी बोले
बीकानेर में चुनाव से संबंधित वायरल हो रही एक तस्वीर के बारे में पूछे जाने पर मेघवाल ने कहा कि उन्होंने वह तस्वीर नहीं देखी है। उन्होंने कहा कि महापौर पद के प्रत्याशी और पार्षद उनके साथ रहते हैं, इसलिए उनके साथ पार्षदों की तस्वीर होना स्वाभाविक है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले में कानून अपना काम करेगा।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पुत्र से संबंधित पेंटिंग्स की प्रदर्शनी को लेकर लगाए गए आरोपों पर मेघवाल ने संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अनुच्छेद अभिव्यक्ति और प्रदर्शन की स्वतंत्रता प्रदान करता है, लेकिन इसमें युक्तियुक्त प्रतिबंधों का प्रावधान भी है। उनके अनुसार, किसी भी विषय पर चर्चा करते समय अधिकारों के साथ-साथ संवैधानिक प्रतिबंधों को भी समझना जरूरी है।
बैंकिंग व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
मेघवाल ने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि वे जिन व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं, उनके बारे में पूरी जानकारी नहीं रखते। बैंकिंग व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने शासनकाल में बैंकिंग व्यवस्था को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे बार-बार देश की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाकर देश को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा की ओर से आयोजित होने वाली बीकानेर की रैली और पदयात्रा को पार्टी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत अपने राजनीतिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बताया।











