Advertisement
Home राजस्थान झुंझुनूं ऊंटगाड़ी में सजा ग्राम दर्शन , लोक संस्कृति के रंग में रंगा...

ऊंटगाड़ी में सजा ग्राम दर्शन , लोक संस्कृति के रंग में रंगा खांदवा गांव

लोकमंथन लोक दर्शन यात्रा का ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत , मटका दौड़ में महिलाओं का उत्साह, जल संरक्षण-पौधरोपण और स्वच्छता का दिया संदेश

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
लोकमंथन लोक दर्शन यात्रा के खांदवा गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ भव्य स्वागत किया। पारंपरिक लोक संस्कृति और ग्रामीण परिवेश के बीच आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। यात्रा में आए लोगों को ऊंटगाड़ी में बैठाकर गांव का भ्रमण कराया गया। इस दौरान गांव में पौधरोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी गई। गांव पहुंचने पर अतिथियों एवं यात्रियों का ग्रामीणों ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।

ऊंटगाड़ी से ग्राम भ्रमण के दौरान यात्रियों को गांव की प्राकृतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताओं से रूबरू कराया गया। ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के तहत लगाए गए पेड़-पौधों, जल संरक्षण के प्रयासों और स्वच्छता से जुड़े कार्यों की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम में ग्रामीण कलाकारों ने लोकगीत, लोक नृत्य और विभिन्न पारंपरिक प्रस्तुतियां देकर राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झलक पेश की। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। ग्रामीणों ने भी उत्साह के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।

यात्रा के उद्देश्य और गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों ने यात्रियों एवं आयोजकों से संवाद किया। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। ग्रामीण महिलाओं ने उत्साहपूर्वक मटका दौड़ में हिस्सा लिया। पारंपरिक खेल के आयोजन से कार्यक्रम में उल्लास और रोमांच का माहौल बन गया। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को ग्रामीणों ने खूब सराहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने लोकमंथन यात्रा के उद्देश्य एवं प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने लोक संस्कृति, सामाजिक सरोकार, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि लोकमंथन जैसे आयोजन समाज की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से ग्रामीणों और युवाओं को अपनी परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।

यात्रा के जिला समन्वयक एवं जिला साक्षरता अधिकारी योगेंद्र सैनी ने बताया कि खांदवा पहुंचने से पहले राजकीय एनएमटी कन्या महाविद्यालय में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां शिक्षाविद बाबूलाल शर्मा की पुस्तक ‘गीतों री फुलवारी’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर कलाकारों एवं विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर लोक संस्कृति के विविध रंगों को सामने रखा।
उन्होंने बताया कि यात्रा के तहत सुबह नगर भ्रमण भी किया गया। इस दौरान यात्रा से जुड़े लोगों ने शहरवासियों से संवाद कर लोकमंथन यात्रा के उद्देश्यों एवं गतिविधियों की जानकारी दी। योगेंद्र सैनी ने बताया कि लोकमंथन लोक दर्शन यात्रा का उद्देश्य लोक जीवन, लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को आमजन तक पहुंचाना है।

यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में स्थानीय लोगों की सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने के साथ जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक विषयों पर भी जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है। खांदवा गांव में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने यात्रा को खास बना दिया। ऊंटगाड़ी से ग्राम दर्शन, लोकगीत-नृत्य, मटका दौड़ और सामाजिक सरोकारों पर संवाद ने आयोजन में लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन का जीवंत रंग भर दिया।

Advertisement