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पपुरना में बंदरों के आतंक से मिली राहत , मथुरा से बुलाई विशेष टीम ने किया रेस्क्यू

पपुरना गांव में मथुरा से आई विशेष टीम द्वारा बंदरों का रेस्क्यू अभियान

घर में घुसकर सामान ले जाने और लोगों को परेशान करने से ग्रामीण थे त्रस्त , निजी खर्चे पर कराई गई कार्रवाई , बच्चों-बुजुर्गों ने ली राहत की सांस

खेतड़ी।झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
खेतड़ी उपखंड की ग्राम पंचायत पपुरना में पिछले कई दिनों से बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों को आखिरकार राहत मिल गई। बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके उत्पाती व्यवहार से ग्रामीणों को हो रही परेशानी को देखते हुए एडवोकेट निरंजन लाल सैनी की पहल पर मथुरा से बंदरों को पकड़ने वाली विशेष टीम बुलाकर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। टीम ने गांव के विभिन्न हिस्सों में अभियान चलाकर उत्पाती बंदरों को सुरक्षित पकड़ने की कार्रवाई की।

ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से पपुरना में बंदरों का आतंक बढ़ गया था। बंदर घरों में घुसकर सामान उठाकर ले जाते थे तथा लोगों को परेशान करते थे। कई ग्रामीणों ने बंदरों के काटने की शिकायत भी की। इसके चलते बच्चों और बुजुर्गों को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। बंदरों के डर से लोगों के लिए घर से बाहर निकलना और रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो गया था।

शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, ग्रामीणों ने उठाया कदम

ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों से लगातार बढ़ रही परेशानी को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया और समस्या के समाधान की मांग की गई , लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने स्वयं पहल करने का निर्णय लिया। इसके बाद एडवोकेट निरंजन लाल सैनी ने अपने निजी खर्चे पर मथुरा से बंदरों को पकड़ने वाली विशेष टीम बुलवाई। गांव पहुंची टीम ने अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाकर उत्पाती बंदरों को सुरक्षित पकड़ने की कार्रवाई की।

रेस्क्यू अभियान के बाद गांव में बंदरों के आतंक से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। बंदरों के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने एडवोकेट निरंजन लाल सैनी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से बंदरों के आतंक के कारण गांव के लोग परेशान थे। विशेष टीम बुलाकर रेस्क्यू करवाने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब गांव में बच्चों, बुजुर्गों और आमजन को बंदरों के डर के बीच नहीं रहना पड़ेगा तथा गांव का माहौल शांत रहेगा।

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